खराब बिटरेट का था मसला
इस वीकेंड नेटफ्लिक्स पर पहुंची फिल्म धुरंधर के साथ बिटरेट की समस्या थी। X पर लोगों ने दावा किया है कि पहले फिल्म को मात्र 1.79 mbps के बिटरेट पर स्ट्रीम किया जा रहा था और शिकायत के बाद उसे 12.56 mbps कर दिया गया। इससे फिल्म की पिक्चर क्वालिटी में जमीन-आसमान का फर्क आया है। 1.79 mbps के बिटरेट पर पिक्चर के रंग और क्वालिटी काफी डल लग रही थी। वहीं सुधार के बाद फिल्म का एक्सपीरियंस थिएटर जैसा हो गया है।
बता दें कि 1.79 mbps के बिटरेट की जगह 12.56 mbps का बिटरेट 6 गुना ज्यादा डेटा और बेहतर शार्पनेस देता है। अब लोगों ने फिल्म के AV1 कोडेक और कलर ग्रेडिंग की तारीफ करना शुरू कर दिया है।
बिटरेट और कोडेक से क्या फर्क पड़ता है?
बता दें कि किसी भी वीडियो की क्वालिटी उसके बिटरेट से ही तय होती है। आसान भाषा में इस आप वह डेटा समझ सकते हैं जो वीडियो के प्ले होने के दौरान हर सेकंड प्रोसेस होता है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो धुरंधर फिल्म का पहले बिटरेट 1.79 mbps था, जो किसी भी अच्छी क्वालिटी में शूट हुई फिल्म के रंगों और तस्वीर की शार्पनेस को घटा सकती है। इसी वजह से लोगों को नेटफ्लिक्स पर सीन धुंधले दिख रहे थे। बाद में फिल्म के बिटरेट को 6 गुणा बढ़ाकर जब 12.56 mbps किया गया, तो पिक्चर की शार्पनेस और ओवरऑल क्वालिटी भी बेहतर हो गई। इस अपग्रेड के बाद अब नेटफ्लिक्स पर फिल्म के सीन्स की देप्थ बढ़ गई है और डार्क सीन्स में भी डिटेल्स साफ दिखने लगी है।
कलर ग्रेडिंग और विजुअल अपग्रेड का असर
रिपोर्ट्स की मानें,(REF.) तो OTT पर पहले रिलीज की गई फिल्म धुरंधर के साथ कलर ग्रेडिंग की भी समस्या थी। OTT पर फिल्म के रंग बेहद फीके लग रहे थे। कलर ग्रेडिंग को बेहतर बनाकर पिक्चर या वीडियो के मूड, टोन और रंगों को निखारा जाता है। लोगों का साफ कहना था कि फिल्म का कॉन्ट्रास्ट और सैचुरेशन थिएटर जैसा नहीं था, इससे रणवीर सिंह का स्क्रीन प्रेजेंस कमजोर लग रहा था। नए अपडेटेड वर्जन में मेकर्स ने रंगों के डायनेमिक रेंज को ठीक किया है, जिससे अब ब्लैक लेवल्स गहरे और कलर्स ज्यादा वाइब्रेंट दिखने लगे हैं।













