खामेनेई के प्रतिनिधि से क्यों मिले कांग्रेस सांसद
भारत में रह रहे ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी के एमपी इमरान मसूद ने कहा,’किसी देश के प्रमुख का जाना बहुत बुरा है,और ईरान के साथ हमारा सदियों पुराना नाता है। मैं खामेनेई की मौत पर संवेदना जताने आया हूं..उनकी इस तरह से हत्या पर..।’
‘खामेनेई ने चार बार पढ़ी डिस्कवरी ऑफ इंडिया’
इमरान मसूद ने आगे कहा,’…मैंने भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं…उन्होंने (खामेनेई) कहा कि ईरान और भारत की दोस्ती 3,000 साल पुरानी है…भारत के बारे में उनकी जानकारी कई और पढ़े-लिखे और सक्षम लोगों से ज्यादा थी।..उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू कि ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ उन्होंने चार बार पढ़ी।’ उन्होंने कहा कि खामेनेई नेहरू-गांधी के विचारों से प्रभावित थे।
ईरान के मसले पर क्या बोले कांग्रेस एमपी इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद ने इमरान मसूद ईरान को लेकर अबतक भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा,’ये बात बहुत विचलित कर रही है…जब आप यूएई से बात कर रहे हैं, सऊदी से बात कर रहे हैं, इजरायल से भी बात कर रहे हैं..तो हिंदुस्तान को न्यूट्रल नजर आना चाहिए। यह हमारी विदेश नीति है। लेकिन ईरान के लिए आपसे दो लफ्ज भी नहीं बोले गए। ये हैरान भी करता है और दुखी भी करता है।’
खामेनेई की मौत पर सरकार के लिए क्या बोलीं सोनिया गांधी
इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की टारगेटेड हत्या पर मोदी सरकार की कथित चुप्पी की आलोचना की और कहा कि ‘यह तटस्थ रहना नहीं, बल्कि त्यागना’ है। इंडियन एक्सप्रेस में एक ओपनियन के माध्यम से सोनिया ने भारत के रेस्पॉन्स को ‘इस त्रासदी के मौन समर्थन का संकेत’ बताया है।
ईरान-इजरायल युद्ध अभी तक की बड़ी बातें
- अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान पर हमले शुरू किए।
- ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए गए।
- ईरान के तमाम सैन्य, एयर डिफेंस और अन्य सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह किए।
- इन्हीं हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और सेना के चार बड़े अधिकारी भी मारे गए।
- खामेनेई की पत्नी समेत परिवार के कई अन्य सदस्यों की भी मौत हो चुकी है।
- जवाबी कार्रवाई में ईरान ब्लास्टिक मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगियों के अड्डों को निशाना बना रहा है।
- ईरान की ओर से इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई और जॉर्डन तक में हमले किए जा रहे हैं।
- इस संघर्ष की तपिश अब साइप्रस यानी यूरोप तक पहुंच चुकी है। (एएनआई इनपुट के साथ)














