लेफ्टिनेंट कर्नल पर है रिश्वत लेने का आरोप
विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने 23 जनवरी को लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी। शर्मा को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिसंबर 2025 में दुबई स्थित एक कंपनी से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आर्मेनिया को भेजी जाने वाली खेपों में भूमिका
शर्मा ने यह दावा किया था कि खेपों की मंजूरी में मेरी कोई भूमिका नहीं थी। अदालत ने उनके इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि केस डायरी और रिमांड के कागजात मेसर्स डीपी वर्ल्ड की आर्मेनिया को भेजी जाने वाली खेपों की मंजूरी दिलाने में उनकी सक्रिय संलिप्तता दर्शाते हैं। जांच को ‘प्रारंभिक चरण’ में मानते हुए अदालत ने शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी।
गवाहों को प्रभावित कर सकता सैन्य अफसर
अदालत ने कहा कि रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में उप योजना अधिकारी (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और निर्यात) के पद पर तैनात शर्मा संवेदनशील जिम्मेदारियां संभालते थे। अदालत ने कहा कि इस बात की संभावना है कि वे जांच या गवाहों, जिनमें उनके वरिष्ठ अधिकारी या सहकर्मी भी शामिल हैं, को प्रभावित कर सकते थे।
शर्मा के घर से मिली थी 2.2 करोड़ की नकदी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एफआईआर सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज की गई थी। पिछले साल दिसंबर में शर्मा के परिसर की तलाशी में कथित तौर पर 3 लाख रुपये की रिश्वत राशि, लगभग 2.2 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी। एजेंसी ने कहा कि शर्मा अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए और रक्षा विनिर्माण, रसद और निर्यात कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ साजिश रचते हुए लगातार भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में लिप्त रहते हैं।
अनुचित लाभ के लिए मदद देता था सैन्य अधिकारी
सीबीआई ने दावा किया कि उसे दुबई स्थित मेसर्स डीपी वर्ल्ड से रिश्वत की पेशकश के संबंध में सूचना मिली थी, जिसके भारत में संचालन की देखरेख कथित तौर पर बेंगलुरु से राजीव यादव और रवजीत सिंह कर रहे थे। ये दोनों शर्मा के नियमित संपर्क में थे और कथित तौर पर सरकारी विभागों से ‘अनुचित लाभ’ प्राप्त करने में उनकी सहायता मांगते थे।
सैन्य अफसर की पत्नी काजल बाली भी है आरोपी
जांचकर्ताओं ने शर्मा की पत्नी कर्नल काजल बाली के आवास से 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। कर्नल काजल बाली राजस्थान के श्री गंगानगर स्थित 16 इन्फैंट्री डिवीजन आयुध इकाई की कमान अधिकारी हैं। उन्हें भी आरोपी बनाया गया है।













