सूडान के संकट का फायदा उठाने की कोशिश
सूडान के साथ पाकिस्तान का हथियार सौदा ऐसे समय में हो रहा है जब अफ्रीकी देश गृहयुद्ध के चलते दुनिया के सबसे बुरे मानवीय संकट से जूझ रहा है। इसमें कई विदेशी हित शामिल हो गए हैं, जो लाल सागर के किनारे मौजूद इस रणनीतिक क्षेत्र के बंटने का खतरा पैदा हो गया है। गौरतलब है कि सऊदी अरब जहां सूडान की सरकार का समर्थन करता है, वहीं, यूएई और इजरायल जैसे देश इसका विरोध करते हैं।
JF-17 भी डील में होगा शामिल
पाकिस्तान-सूडान डील के बारे में जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने रॉयटर्स से बात की है। इनमें से दो सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के साथ इस डील में 10 काराकोरम-8 हल्के हमलावर एयरक्राफ्ट, स्काउटिंग और आत्मघाती हमलों के लिए 200 से ज्यादा ड्रोन और एडवांस्ड एयरडिफेंस सिस्टम शामिल हैं।
पाकिस्तानी वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल आमिर मसूद ने कहा कि यह डील पक्की हो गई है। उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि काराकोरम-8 जेट के अलावा इसमें सुपर मुश्शाक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और शायद चीन के साथ मिलकर बनाए गए और पाकिस्तान में निर्मित JF-17 फाइटर जेट भी शामिल हैं। हालांकि, जेट की संख्या के बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।
लीबिया के साथ की थी बड़ी डील
पाकिस्तान ने हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय रक्षा सौदों में अपनी भूमिका बढ़ाई है। पिछले महीने के आखिर में पाकिस्तान ने लीबिया के साथ चार अरब डॉलर से ज्यादा के रक्षा समझौता किया था, जिसके तहत इस्लामाबाद लीबियाई नेशनल आर्मी को हथियार और सैन्य उपकरण देगा। इसमें 16 जेएफ-17 फाइटर जेट की सप्लाई भी शामिल हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर खुद इस सौदे के लिए लीबिया गए थे। अब सूडान के साथ रक्षा डील की खबर सामने आई है।














