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  • ‘इजरायल पहले करे ईरान पर हमला’, ट्रंप की कोर टीम ने बताया प्लान, जानें अमेरिका का असली एजेंडा

    वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ा मिलिट्री जमावड़ा खड़ा किया है। ट्रंप लगातार ईरान को परमाणु डील पर सहमत होने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसमें सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है। ट्रंप


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    By Azad Hind Desk फरवरी 26, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ा मिलिट्री जमावड़ा खड़ा किया है। ट्रंप लगातार ईरान को परमाणु डील पर सहमत होने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसमें सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान डील नहीं करता है तो बहुत बुरी चीजें होंगी। इस बीच एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी अधिकारी चाहते हैं कि अमेरिका के पहले इजरायल को ईरान पर हमला करना चाहिए। पॉलिटिको ने बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है।

    ट्रंप प्रशासन ईरान पर हमले से पहले अमेरिकी जनता में इसके पक्ष में समर्थन चाहता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इजरायल के पहले के बाद इजरायल जवाबी कार्रवाई करेगा। इससे अमेरिकी जनता के बीच अमेरिकी सैन्य हमले के लिए समर्थन बनाने में मदद मिलेगी।

    ट्रंप देख रहे राजनीतिक नफा-नुकसान

    नाम न बताने की शर्त पर एक सूत्र ने कहा कि हमले की इस योजना के पीछे राजनीतिक सोच है। प्रशासन में और आस-पास लोगों की सोच है कि अगर इजरायली पहले और अकेले हमला करते हैं और ईरान हम पर जवाबी कार्रवाई करे तो अमेरिकी मिलिट्री ऐक्शन को सही ठहराना आसान हो सकता है। सूत्र ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ हमले की संभावना ज्यादा है।

    अमेरिकी लोगों के समर्थन की चिंता

    सूत्र ने हाल ही में हुए एक पोल का जिक्र करते हुए कहा कि कई अमेरिकी ईरान में सरकार बदलने का समर्थन करते हैं, लेकिन वे इसके लिए अमेरिका के नुकसान को मानने को तैयार नहीं हैं। ट्रंप के मेक अमेरिका ग्रेट (MAGA) अभियान के समर्थक भी अमेरिकी सैनिकों के दूसरे देशों में युद्ध में शामिल होने का विरोध करते हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के करीबी लोगों में से कुछ लोगों का यह भी मानना है कि अमेरिका को ईरान पर बमबारी करनी चाहिए। हालांकि, किसी संभावित हमले का समय अभी साफ नहीं है। यह बातचीत ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान और अमेरिकी अधिकारी अगले दौर की बातचीत के लिए जेनेवा में मिल रहे हैं।

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