शहबाज शरीफ ने क्या कहा
वीडियो में शहबाज शरीफ ने कहा, किस तरह यह बात बताऊं कि किस तरह हमने उस दोस्त देश को जाकर कर्जे लेने के लिए दरख्वास्त दीं और उन दोस्त मुमालिक (देशों) ने हमें मायूस नहीं किया। लेकिन, आप जानते हैं कि जो कर्ज लेने जाता है, उसका सर झुका हुआ होता है। और फिर उसके बाद जो आरोप आते हैं, आपको उसकी अच्छी तरह जानकारी है। मैं यहां पर बगैर किसी लाग-लपेट के आपको बताना चाहता हूं कि मैं भी और खामोशी के साथ फील्ड मार्शल हम कई मुमालिक में गए और उनसे कहा कि आईएमएफ का प्रोग्राम है और ये हमारा एक्सटर्नल गैप है। आप इतने बिलियन डॉलर दे दें।
बोले- कंप्रोमाइज करना पड़ा
मैं उन दोस्त मुमालिक का बेहद शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने हमारी मांगें मानी, लेकिन आप जानते हैं कि कोई किसी से मांगने जाता है तो अपनी इज्जत के ऊपर उसे कीमत चुकानी पड़ती है। कंप्रोमाइज करना पड़ता है। और बार में कहीं से ऐसा कोई ख्वाहिश आ जाए, तो उस ख्वाहिश को वो किसनी भी उसको इम्पलीमेंट करने का मन न हो, उसका बोझ लेते हैं।
पाकिस्तान का कुल कर्ज
पाकिस्तान लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। दिसंबर 2025 में पाकिस्तान का कुल ऋण 52.366 बिलियन अमेरिकी डॉलर बताया गया। यह नवंबर 2025 के लिए पिछले आंकड़े 47.071 बिलियन अमेरिकी डॉलर से वृद्धि दर्शाता है। पाकिस्तान की संसद में पेश किए गए राजकोषीय नीति में बताया गया है कि पिछले वित्तीय वर्ष में हर पाकिस्तानी पर कर्ज का बोझ 13% बढ़कर 333,000 रुपये हो गया है। प्रति व्यक्ति कर्ज वित्तीय वर्ष 2023-24 में 294,098 रुपये था।













