शानदार फॉर्म में केएल राहुल
पारी की शुरुआत में राहुल और कप्तान मयंक अग्रवाल ने नई गेंद के सामने काफी सावधानी बरती। हालांकि, 9वें ओवर में मयंक अग्रवाल मात्र 5 रन बनाकर आदित्य रावत का शिकार हो गए। इसके बाद क्रीज पर आए देवदत्त पडिक्कल के साथ मिलकर राहुल ने पारी को आगे बढ़ाया। शुरुआती संघर्ष के बाद दोनों बल्लेबाजों ने हाथ खोलने शुरू किए। राहुल ने मयंक मिश्रा और जन्मजय जोशी की गेंदों पर छक्के लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। राहुल ने 86 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि पडिक्कल ने भी तेज खेलते हुए 65 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की।
पडिक्कल के साथ की बड़ी साझेदारी
दूसरे सत्र में राहुल और भी आक्रामक नजर आए। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और महज 153 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। राहुल के शतक के कुछ ही देर बाद देवदत्त पडिक्कल ने भी छक्का लगाकर अपना सैकड़ा पूरा किया। दोनों की इस बल्लेबाजी ने कर्नाटक को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अंत में केएल राहुल 141 रन बनाकर आउट हो गए। इस पारी में उन्होंने 11 चौके और 5 छक्के लगाए।
लगातार शतक बना रहे राहुल
यह केएल राहुल के प्रथम श्रेणी करियर का 25वां शतक है। गौरतलब है कि उन्होंने मुंबई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में भी 130 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी। रणजी ट्रॉफी से ठीक पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ राजकोट में खेले गए वनडे मैच में भी 112 रनों की नाबाद पारी खेली थी।













