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  • इलाज के लिए जयपुर, लद्दाख से बेहतर जगह… सोनम वांगचुक की हेल्थ पर ASG ने दी दलील तो SC जज ने कहा- आप ऐसा नहीं कह सकते

    नई दिल्ली : केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कराया कि क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हालत ‘बिल्कुल ठीक” है और हिरासत में रहने के दौरान उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जोधपुर से बेहतर इलाज मिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने जस्टिस


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    By Azad Hind Desk फरवरी 10, 2026
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    नई दिल्ली : केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कराया कि क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हालत ‘बिल्कुल ठीक” है और हिरासत में रहने के दौरान उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जोधपुर से बेहतर इलाज मिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ को यह जानकारी दी कि वांगचुक की हिरासत की समीक्षा के संबंध में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

    सुनवाई की शुरुआत में, जस्टिस कुमार ने नटराज से पूछा कि वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, अदालत के अनुरोध पर उनकी हिरासत की समीक्षा करने में क्या कोई प्रगति हुई है। जस्टिस कुमार ने नटराज से पूछा कि क्या हुआ? कोई प्रगति हुई? क्या यह कर लिया गया?’ इसपर एएसजी ने उत्तर दिया, कि अभी तक कुछ नहीं हुआ है। उन्हें सर्वोत्तम इलाज मिल रहा है।

    हिरासत पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है

    वांगचुक के वकील ने दलील दी कि उनकी हिरासत पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है, क्योंकि उनकी तबीयत अब भी ठीक नहीं है। जस्टिस वराले ने कहा कि पिछली बार जब अदालत ने यह सुझाव दिया था, उस वक्त भी यही दलील दी गई थी। उन्होंने नटराज से कहा कि समस्याएं हैं, और ऐसा नहीं है कि आप इससे इनकार कर रहे हैं, और वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भी शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि हां, समस्या है, और अब इलाज चल रहा है। यह स्वीकार किया जाता है कि स्वास्थ्य समस्या है, और हमने पिछले दिन ही यह सुझाव दिया था।’

    एएसजी नटराज ने कहा कि जहां तक स्वास्थ्य का सवाल है, वह पूरी तरह स्वस्थ हैं… इलाज के लिए जयपुर, लद्दाख से बेहतर जगह है। राजस्थान में एम्स है, जबकि लद्दाख में ऐसा कुछ भी नहीं मिलेगा। जस्टिस वराले ने कहा, ‘नहीं, नहीं, आप ऐसा नहीं कह सकते।’ नटराज ने पीठ से अनुरोध किया कि इस मामले पर कल के बाद सुनवाई की जाए।

    पिछले साल 26 सितंबर को किया गया था अरेस्ट

    हालांकि, पीठ ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका), 1980 के तहत उनकी हिरासत को अवैध घोषित करने की मांग की गई है। पीठ ने स्पष्ट किया कि आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा। वांगचुक जोधपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं।

    पिछले साल 26 सितंबर को वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। इससे दो दिन पहले, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत होने को लेकर सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।
    (एजेंसी इनपुट के साथ)

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