महिमा बन गई हैं मिसाल
महिमा घई बिना बालों के, शांति और आत्मविश्वास के साथ शादी की रस्मों में शामिल हुई। उनके इस कदम से ये पता चलता है कि दुल्हन की खूबसूरती केवल बालों या सजने-संवरने से तय नहीं होती। एलोपेसिया के साथ जीना महिमा के लिए आसान नहीं रहा। उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि खुद को अपनाने से बहुत पहले ही उनके बाल झड़ने लगे थे। सालों तक इलाज चले, लोग अजीब सवाल पूछते रहे, नजरें घूरती रहीं जैसे उनमें कुछ कमी हो। बालों का झड़ना सिर्फ शरीर से जुड़ी परेशानी नहीं थी, इसका असर उनके मन और भावनाओं पर भी पड़ा। लेकिन समय के साथ महिमा ने खुद को वैसे ही अपनाया जैसी वो हैं, और आज वह दूसरों के लिए भी हिम्मत की मिसाल बन गई हैं।
पति ने भी दिया साथ
बाद में महिमा ने बताया कि अपनी शादी के दिन विग पहनना उनके लिए कभी एक ऑप्शन ही नहीं था। वह नहीं चाहती थीं कि जब वह अपनी शादी की तस्वीरें देखें, तो उन्हें लगे कि उनमें कोई और नजर आ रहा है। वह उस दिन को उसी रूप में याद रखना चाहती थीं, जैसा वह सच में था। लंबे समय से बालों को औरत होने और दुल्हन की खूबसूरती से जोड़कर देखा जाता रहा है, खासकर शादी के माहौल में। लेकिन महिमा ने इस सोच को बिना किसी आवाज के, बहुत सहज तरीके से अपनाया। उनके इस फैसले में उनके पति शशांक ने भी साथ दिया, उन्होंने महिमा को प्रोत्साहित किया कि ‘’तुम्हें विग पहनने की जरूरत नहीं, तुम जैसी हो वैसी खूबसूरत हो’’.
लोगों ने उनके इस कदम को सराहा
कमेंट्स में लोगों ने उनकी खूबसूरती और आत्मविश्वास की खुलकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “काफी समय बाद इतनी खूबसूरत दुल्हन देखी है। यह प्योर करेज है।” एक और शख्स ने लिखा, “मैं भी एलोपेसिया से जूझ रहा हूं, यह देखकर मेरी आंखें भर आईं’’. तीसरे ने कहा, “आपने सिर्फ शादी नहीं की, आपने यह बता दिया कि कितने लोग खुद को कैसे देखते हैं”. इसके अलावा कई महिलाओं ने माना कि वे आज भी अपने बाल झड़ने की बात छुपाती हैं। उनमें से एक ने लिखा, “मैं अभी वहां तक नहीं पहुंची हूं, लेकिन आपको इतने आत्मविश्वास के साथ खड़ा देखकर मुझे उम्मीद मिली है।”














