जोहरान ममदानी ने शुक्रवार को अलग-अलग धर्मों के लोगों के साथ मुलाकात में पलायन और मेहमाननवाजी में धार्मिक मूल्यों के महत्व का जिक्र किया। जोहरान ने कहा है कि इस्लाम तो दरअसल एक ऐसा मजहब है, जिसके दुनिया में फैलने में माइग्रेशन एक बड़ी वजह बना। पैगंबर मोहम्मद की मक्का से मदीना की यात्रा (हिजरत) इस्लामी इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण है।
पैंगबर भी मक्का से मदीना पहुंचे थे
जोहरान ममदानी ने कहा, ‘हिजरत की कहानी हमें याद दिलाती है कि पैगंबर मोहम्मद मदीना वालों के लिए अजनबी थे। वह मक्का से भागे और मदीना में उनका स्वागत किया गया। इसे सबक के तौर पर लेना चाहिए कि किसी समाज को मुश्किलों से भाग रहे लोगों के प्रति कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उनके प्रति बुरा बर्ताव करने की बजाय दया दिखानी चाहिए।’
जोहरान ने पैगंबर की हिजरत के उदाहरण को न्यूयॉर्क शहर की पहचान से जोड़ा। जोहरान ने कहा कि न्यूयॉर्क को बनाने में दुनियाभर से यहां आए लोगों की बहुत अहमियत है। न्यूयॉर्क की धार्मिक परंपराओं में कई धर्मों की शिक्षा शामिल हैं। सभी धर्मों के साझा सिद्धांतों ने यहां के लोगों को कमजोर समुदायों के प्रति दया और देखभाल का भाव रखना बताया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
ममदानी का भाषण सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। जोहरान ममदानी समर्थकों और डेमोक्रेट ने उनकी प्रशंसा करते हुए इसे आस्था और अंतरधार्मिक एकजुटता पर आधारित सहानुभूति की अपील बताया। उन्होंने कहा कि ये विचार न्यूयॉर्क शहर के प्रवासियों का स्वागत करने के पुराने दृष्टिकोण को दिखाते हैं।
रिपब्लिकन समर्थकों ने जोहरान की टिप्पणियों की आलोचना की है। कई यूजर्स ने कहा कि यह मौजूदा अमेरिकी इमिग्रेशन नीति को कमजोर करने की कोशिश है। यूजर्स ने तर्क दिया कि ऐसी बहसें धार्मिक कहानियों से अलग रहनी चाहिए। जोहरान ममदानी के भाषण ने अमेरिकी सोशल यूजर्स के बीच डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन नीति की बहस को फिर तेज कर दिया है।













