बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस की तरफ से जारी किए गए बयान में बताया गया है कि वह बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप से ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत पर चर्चा करेंगे। नेतन्याहू चाहते हैं कि बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइलों पर रोक और ईरान का सहयोगी गुटों को समर्थन खत्म करने की शर्त जरूर शामिल की जाए। इजरायल चाहता है कि ये दोनों मुद्दे अमेरिका की ओर से बातचीत से बाहर ना किया जाएं।
दिसंबर में भी मिले थे ट्रंप और नेतन्याहू
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की हालिया महीनों में लगातार मुलाकातें हुई हैं। दोनों नेताओ की आखिरी मुलाकात बीते साल दिसंबर में हुई थी। अमेरिका और ईरान की बातचीत शुरू होने के बाद इजरायल को अपने हितों की चिंता है। ऐसे में नेतन्याहू ने दूसरे दौर की वार्ता से पहले ट्रंप से मिलकर अपनी बात रखने का फैसला लिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ओमान में हुई इस अप्रत्यक्ष बातचीत से संकेत मिले हैं कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शुरुआती स्तर पर लौट आई है। ट्रंप ने बातचीत को बहुत अच्छी बताया और कहा कि अगले हफ्ते की शुरुआत में आगे की बातचीत होने की योजना है। दूसरी ओर ईरान ने कहा है कि वह मिसाइल प्रोग्राम नहीं छोड़ेगा।
डोनाल्ड ट्रंप देते रहे हैं ईरान को धमकी
डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया दिनों में लगातार ईरान को सैन्य हमले की धमकी दी है। ट्रंप का कहना है कि कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करता तो अमेरिकी फौज उस पर हमला कर सकती है। ईरान में बीते महीने हुए प्रदर्शनों के बाद अमेरिका ने अपनी जंगी जहाज ईरान के पड़ोस में समुद्र में तैनात कर रखे हैं।













