ईरान और अमेरिका में तनाव
पेजेश्कियान ने कहा, ‘दुनिया की ताकतें हमें सिर झुकाने के लिए मजबूर करने के लिए कायरता से लाइन में खड़ी हो रही हैं। जैसे आप मुश्किलों के सामने नहीं झुके, वैसे ही हम इन समस्याओं के सामने नहीं झुकेंगे।’ ईरानी राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय में आया है, जब तेहरान ने इस महीने की शुरुआत में परमाणु कार्यक्रम पर फिर से बातचीत शुरू की। पिछले हफ्ते जेनेवा में दूसरे दौर की बैठक हुई।
ईरान की ड्राफ्ट डील तैयार
वॉशिंगटन और तेहरान ने बातचीत को कुल मिलाकर पॉजिटिव बताया, लेकिन वे किसी डील तक पहुंचने में नाकाम रहे थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि वे एक डिप्लोमैटिक समाधान के करीब हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान अगले दो से तीन दिनों में वॉशिंगटन को एक ड्राफ्ट डील को फाइनल करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जंग के लिए तैयारी पर भी बात की। उन्होंने कहा, हम नेगोशिएशन के लिए जितना तैयार हैं, उतना ही जंग के लिए भी तैयार हैं।
अब्बासी के बयान के कुछ घंटे बाद ही बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान पर सीमित सैन्य हमले के बारे में बयान दिया। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे ईरान पर लिमिटेड मिलिट्री स्ट्राइक हो सकती है, तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं इस बारे में विचार कर रहा हूं।













