• International
  • ईरान की ओर बढ़े अमेरिकी युद्धपोत, HQ-9B एयर डिफेंस को लेकर खौफ में चीन, रूसी S-400 की भी परीक्षा

    तेहरान: अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनके सलाहकारों ने फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करने का फैसला किया है। ईरान ने भी कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं देगा। अमेरिका और ईरान दोनों के बीच राजनयिक स्‍तर पर बातचीत चल रही है। सऊदी अरब और कतर जैसे अमेरिका के सहयोगी देशों ने


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 16, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    तेहरान: अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनके सलाहकारों ने फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करने का फैसला किया है। ईरान ने भी कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं देगा। अमेरिका और ईरान दोनों के बीच राजनयिक स्‍तर पर बातचीत चल रही है। सऊदी अरब और कतर जैसे अमेरिका के सहयोगी देशों ने भी ट्रंप को सलाह दी थी कि वह तेहरान पर हमला करने से परहेज करे। विश्‍लेषकों का कहना है कि ट्रंप ने योजना बनाई थी कि ईरान पर बहुत ही तेजी से हमला किया जाए और बहुत ही कम समय में ईरान के शासकों को सत्‍ता से हटा दिया जाए। वहीं रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अधिकारियों ने उन्‍हें सलाह दी कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वेनेजुएला की तरह से ईरान पर हमला बहुत तेजी से निपट जाएगा। इस वजह से अमेरिकी सेना को हमले के लिए तैयारी की जरूरत है। इस बीच चीन को डर सता रहा है कि जब भी हमला होगा, उसके HQ-9B एयर डिफेंस सिस्‍टम की पोल खुल जाएगी। यही नहीं रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम की भी इस हमले के दौरान परीक्षा हो सकती है।

    इससे पहले वेनेजुएला में भी चीनी एयर डिफेंस सिस्‍टम और अमेरिकी फाइटर जेट आमने सामने थे। इसमें रूसी एयर डिफेंस बुरी तरह से फेल साबित हुए थे। रूसी S-300VM सिस्‍टम और Buk-M2E सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी अमेरिकी हमले को रोकने में नाकाम रही थी। अमेरिका ने अपने EA-18G Growler एयरक्राफ्ट की मदद से इलेक्‍ट्रोनिक वारफेयर को अंजाम दिया था। विश्‍लेषकों का कहना है कि ईरान में अमेरिका को ज्‍यादा जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है जहां कई चरणों में एयर डिफेंस सिस्‍टम काम करते हैं।

    चीन और रूस के एयर डिफेंस पर भरोसा कर रहा ईरान

    वेनेजुएला के व‍िपरीत ईरान लगातार अपनी क्षमताओं में विस्‍तार कर रहा है। ईरान ने चीन के HQ-9B और रूस के एस-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम को तैनात किया है जो लंबी दूरी तक सतह से हवा में हमला करने वाली मिसाइलों से लैस हैं। ऐसे में अमेरिका अगर हमला करता है तो उसे जोरदार पलटवार का सामना करना पड़ सकता है। एस-400 ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। वहीं HQ-9B चीन का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्‍टम है और अगर अमेरिका हवाई हमला करता है तो यह सिस्‍टम अहम भूमिका निभा सकता है।

    चीन की बढ़ रही चिंता, अमेरिका को भी चेतावनी

    ईरान अपनी सुरक्षा के लिए अब चीनी मिसाइल सिस्‍टम पर ज्‍यादा भरोसा कर रहा है। व‍िश्‍लेषकों का कहना है कि चीनी HQ-9B और रूसी एस-400 की मदद से ईरान का एयर डिफेंस बहुत ताकतवर हो चुका है। ऐसे में ईरान पर हमला करना अमेरिका को भारी पड़ सकता है। अमेरिका अगर पहले हवाई हमला करता है तो ईरान के एयर डिफेंस सिस्‍टम बने रह सकते हैं। डोनाल्‍ड ट्रंप अगर अपने प्‍लान पर आगे बढ़ते हैं तो ईरान में अमेरिका और चीन के हथियारों की परीक्षा हो सकती है। ताइवान पर हमला करने के लिए चीन इस एयर डिफेंस सिस्‍टम पर काफी भरोसा कर रहा है। वहां भी उसका सीधा मुकाबला अमेरिका या उसके हथियारों से होना है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।