भारतीय तटरक्षक बल ने 6 फरवरी को इन तीनों ही ईरानी जहाजों को मुंबई के 100 मील उत्तर पश्चिम में समुद्र में पकड़ा था। कोस्ट गार्ड ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि ये जहाज अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी रैकेट का हिस्सा थे। इन जहाजों को अब मुंबई लाया गया है और उनके चालक दल के सदस्यों के साथ पूछताछ जारी है। अमेरिकी वॉल स्ट्रीट जनरल अखबार ने पश्चिमी विश्लेषकों के हवाले से कहा कि भारत का यह ऐक्शन दिखाता है कि उसके अमेरिका के साथ रिश्ते में फिर से गर्माहट आ रही है।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील के बाद ऐक्शन
इससे पहले रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और ट्रंप ने 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। हालांकि ट्रेड डील होने के बाद अब अमेरिका ने रूसी तेल को लेकर लगे टैरिफ को हटा दिया था। अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी इंडिया के फेलो दिनाकर पेरी का कहना है कि भारत के ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ ऐक्शन लेने का समय काफी महत्वपूर्ण है जो भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद हुआ है। भारत ने इन 3 तेल टैंकरों को पकड़ने का ऐलान ठीक उसी दिन किया जब अमेरिका ने भारत के साथ डील को लेकर आधिकारिक ऐलान किया था।
ईरान के शैडो फ्लीट कैसे करते हैं काम?
जहाजों पर नजर रखने वाली वेबसाइट TankerTrackers.com के मुताबिक हाल के महीनों में पश्चिमी देशों ने करीब 1300 तेल टैंकरों के शैडो फ्लीट के खिलाफ एक पूरा अभियान चला रखा है। ये जहाज रूस, ईरान और वेनेजुएला के प्रतिबंधित तेल को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाते हैं। इसके लिए ये नकली झंडे का इस्तेमाल करते हैं और अपनी पहचान को भी बदलते रहते हैं। ये अपने असली मालिक का नाम भी छिपाते हैं। ये जहाज काफी पुराने पड़ चुके हैं और पर्यावरणविद इसको लेकर काफी सवाल उठाते रहे हैं। वे इन शैडो फ्लीट को समुद्र के लिए टाइम बम तक करार देते हैं।
ईरान ने जब्त तेल टैंकर पर क्या दिया बयान ?
भारतीय कोस्ट गार्ड ने इस ईरानी जहाज का खुलासा नहीं किया है लेकिन उसकी तस्वीरों के आधार पर ब्रिटिश कंपनी वैनगार्ड टेक ने बताया कि यह अल जाफजिआ, द अस्फाल्ट स्टार और स्टेलर रूबी तेल टैंकर हैं। इन तीनों पर ही अमेरिका ने पिछले साल प्रतिबंध लगाया था। ये जहाज फर्जी नाम का इस्तेमाल कर ईरानी तेल का ट्रांसपोर्ट कर रहे थे। वहीं ईरानी सेना से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी ने सोमवार को एक बयान जारी करके कहा कि इन तीनों ही जहाजों से ईरान की सरकारी तेल कंपनी का कोई संबंध नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते में इन दिनों भारी तनाव चल रहा है। अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर हथियार तैनात किए हैं और कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है। भारत ने अमेरिका के प्रतिबंध लगाने के बाद ईरान से तेल लेना बंद कर दिया था। भारत ने चाबहार पोर्ट में अब और ज्यादा निवेश को बंद कर दिया है।













