इजरायल में अमेरिका ने हाथ खड़े कर दिए
यरूशलेम में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह इजरायल से निकलने वाले अमेरिकी नागरिकों को निकालने या सीधे मदद करने की हालत में नहीं है, बल्कि उन्हें मिस्र के सिनाई पेनिनसुला की ओर भेज रहा है। जो लोग अपना सिक्योरिटी प्लान बना रहे हैं, उनके लिए, एम्बेसी ने X पर एक पोस्ट में कहा, इजरायली टूरिज्म मिनिस्ट्री ने कल से मिस्र के साथ ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के लिए शटल चलाना शुरू कर दिया है और कहा कि अमेरिकी पैसेंजर लिस्ट में रजिस्टर कर सकते हैं, साथ ही यह भी कहा कि वह शटल के पक्ष या विपक्ष में कोई सिफारिश नहीं कर सकता।
अमेरिका ने अपने नागरिकों की सेफ्टी की गारंटी लेने से इनकार किया
उसने कहा, “अगर आप निकलने के लिए इस ऑप्शन का इस्तेमाल करते हैं, तो अमेरिकी सरकार आपकी सेफ्टी की गारंटी नहीं दे सकती।” उसने आगे कहा, “यह जानकारी उन लोगों के लिए एक कर्टसी के तौर पर दी गई है जो इज़राइल छोड़ना चाहते हैं।” इससे पहले, अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने चेतावनी दी थी कि अमेरिकियों के पास इजरायल छोड़ने के लिए “बहुत लिमिटेड ऑप्शन” हैं।
अमेरिकी दूतावासों से लोगों को दूर रहने की सलाह
सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को ईरानी ड्रोन हमले की बात स्वीकार की और अमेरिकियों से फिलहाल दूतावास से दूर रहने का आग्रह किया। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दूतावास पर हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास में न आएं।’’ इसमें कहा गया कि जिन लोगों को वीजा संबंधी काम के लिए दूतावास आने के लिए समय दिया गया था, उन्हें अब न आने के लिए कहा गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को पहले बताया था कि दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया है।
अमेरिका ने कई देशों में दूतावास खाली करने का निर्देश दिया
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात समेत छह देशों में अपने उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है, जिनकी वहां तत्काल जरूरत नहीं है। दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों वाले संयुक्त अरब अमीरात को लंबे समय से पश्चिम एशिया का एक सुरक्षित क्षेत्र माना जाता रहा है लेकिन हमलों के कारण उसे भी ईरान युद्ध में घसीट लिया गया है। मंत्रालय ने ऑनलाइन जारी घोषणा में कहा कि यह निर्णय सुरक्षा जोखिमों के कारण लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ जारी युद्ध के मद्देनजर बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले अमेरिकियों से देश छोड़ने का आग्रह किया है।












