• International
  • ईरान के हथियार से ईरान पर वार, अमेरिका ने पहली बार युद्ध में किया कामीकाजी ड्रोन का इस्तेमाल, LUCAS ने मचाई तबाही

    तेहरान/वॉशिंगटन: US सेंट्रल कमांड ने शनिवार को माना है कि उसने ईरान पर हमला करने में LUCAS कामिकेज ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इस ड्रोन को ईरान के शाहेद-136 ड्रोन का कॉपी माना जाता है। अमेरिकी सेना के ड्रोन टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक (TFSS) ने इसे जमीन से ईरान पर लॉन्च किए थे। अमेरिका के


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk मार्च 1, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    तेहरान/वॉशिंगटन: US सेंट्रल कमांड ने शनिवार को माना है कि उसने ईरान पर हमला करने में LUCAS कामिकेज ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इस ड्रोन को ईरान के शाहेद-136 ड्रोन का कॉपी माना जाता है। अमेरिकी सेना के ड्रोन टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक (TFSS) ने इसे जमीन से ईरान पर लॉन्च किए थे। अमेरिका के एक अधिकारी ने कहा है कि इस टास्क फोर्स का गठन पिछले साल दिसंबर में ड्रोन हमला डिजाइन करने के लिए किया गया था। LUCAS ड्रोन का इस्तेामल अमेरिका ने अभी तक नहीं किया था और हमले का ये तरीका ईरान का ही जिसे अमेरिका ने उसी के खिलाफ इस्तेमाल किया है।

    ईरान शाहेद ड्रोन का खूब इस्तेमाल करता रहा है। LUCAS ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि मिसाइलों की तुलना में इससे हमला करना काफी कम खर्चीला है। मिसाइलों को बनाने में भी काफी वक्त लगता है और काफी खर्चीला भी होता है। ड्रोन कम खर्चीला और असरदार हथियार माना जाता है। द वॉर जोन की एक रिपोर्ट में CENTCOM के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया था कि “हर प्लेटफॉर्म की कीमत करीब 35,000 डॉलर के आसपास है और LUCAS एक कम लागत वाला सिस्टम है जो मिसाइल हमले के समान ही असर करता है।

    LUCAS ड्रोन ईरान के शाहेद ड्रोन का है ‘कॉपी’
    LUCAS ड्रोन को ऐसे डिजाइन किया गया है जो “ऑटोनॉमस कोऑर्डिनेशन की अनुमति देते हैं जिससे वे स्वार्म टैक्टिक्स और नेटवर्क-सेंट्रिक स्ट्राइक के लिए बेहतरीन बन जाते हैं।” कुछ ड्रोन में स्टारलिंक टर्मिनल लगे हैं और ये ड्रोन स्वार्म में माहिर माने जाते हैं। स्टारलिंक टर्मिनल लगे होने का मतलब है कि ये बहुत एडवांस ड्रोन बन जाता और सटीक हमला करने में माहिर है। हालांकि ईरान के खिलाफ दागे गए LUCAS ड्रोन जमीन से दागे गए थे लेकिन मिडिल ईस्ट में यूएस नेवी ने इंडिपेंडेंस क्लास लिटोरल कॉम्बैट शिप (LCS) USS सांता बारबरा से एक ड्रोन का टेस्ट फायर किया था।

    • कम कीमत में जबरदस्त असर- एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत लाखों डॉलर में होती है, जबकि एक LUCAS ड्रोन की लागत सिर्फ $35,000 के आसपास है।
    • अमेरिकी CENTCOM ने कहा है कि इसे दर्जनों या सैकड़ों के झुंड में छोड़ा जा सकता है। जब इतने सारे ड्रोन एक साथ हमला करते हैं तो दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम नाकाम हो जाता है।
    • LUCAS ड्रोन, ईरान के Shahed-136 ड्रोन के डिजाइन पर आधारित है। इसे जानबूझकर बनाया गया है ताकि इसे कम समय में और बहुत बड़ी संख्या में फैक्ट्री में तैयार किया जा सके। इसकी रेंज करीब 1,500 से 2,500 किलोमीटर के बीच है। ये करीब 40-50 किलो विस्फोटक ले जा सकता है।

    स्टील्थ फाइटर और टॉमहॉक मिसाइलों से हमला
    अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों के साथ स्टील्थ फाइटर जेट्स और LUCAS ड्रोन का इस्तेमाल किया है। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर किए गए हमलों की डिटेल्स जारी किए हैं। इसमें टॉमहॉक मिसाइलों, F-18 और F-35 फाइटर जेट्स की तस्वीरें दिखाई गई हैं।

    टॉमहॉक लैंड अटैक क्रूज मिसाइल- ये एक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है जिसे आम तौर पर डीप-स्ट्राइक मिशन में टारगेट पर हमला करने के लिए समुद्र से लॉन्च किया जाता है। सटीक गाइड वाली टॉमहॉक क्रूज मिसाइल करीब 1600 किलोमीटर तक टारगेट पर हमला कर सकती है। इसकी सबसे खतरनाक क्षमता भारी एयर डिफेंस सिस्टम लगे एरिया में भी चकमा देकर हमला करने की है। ये मिसाइल करीब 6.1 मीटर लंबी है और इसके पंखों का फैलाव 8.5 फीट है और इसका वजन लगभग 1510 किलो के आसपास है। एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत करीब 13 लाख डॉलर के आसपास है।

    स्टील्थ फाइटर जेट्स- ईरान पर हमला करने के लिए CENTCOM ने F/A-18 और F-35 फाइटर जेट का इस्तेमाल भी किया है। F-35 एक पांचवीं जेनरेशन का स्टेल्थ फाइटर है जो रडार डिटेक्शन से बच सकता है और सटीक गाइडेड हथियार ले जा सकता है। यूनाइटेड स्टेट्स ने पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर F-35 तैनात किए हैं। वहीं F-18 को बोइंग ने बनाया है। ये एक एक मल्टी-रोल फाइटर है जो हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशन कर सकता है। ये कई तरह के बम और मिसाइल ले जा सकता है। F-35s कई तरह की मिसाइलें ले जा सकते हैं जैसे कि दुश्मन को अंधा करने के लिए रडार इंस्टॉलेशन को ढूंढकर नष्ट कर सकते हैं। ये जेट इजरायली एयर फोर्स भी इस्तेमाल करती है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।