• International
  • ईरान ने ‘मिसाइल सिटी’ में तैनात की 2,000 KM तक मार करने वाली खोर्रमशहर-4, बातचीत से पहले अमेरिका को कड़ा संदेश

    तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक ‘अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी’ में अपनी सबसे एडवांस्ड लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘खोर्रमशहर-4’ तैनात की है। इजरायली मीडिया ने ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के हवाले से यह जानकारी दी है। ईरान की ओर से ताकतवर खोर्रमशहर-4 की तैनाती अमेरिका से भारी तनातनी के बीच


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक ‘अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी’ में अपनी सबसे एडवांस्ड लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘खोर्रमशहर-4’ तैनात की है। इजरायली मीडिया ने ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के हवाले से यह जानकारी दी है। ईरान की ओर से ताकतवर खोर्रमशहर-4 की तैनाती अमेरिका से भारी तनातनी के बीच की गई है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान एक तरफ वार्ता कर रहा है तो दूसरी ओर अमेरिकी हमले से निपटने के लिए भी कदम उठा रहा है। ये मिसाइल बीते साल इजरायल के खिलाफ युद्ध में ईरान के लिए काफी कारगर रही थी।

    खोर्रमशहर-4 मिसाइल की यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब IRGC डिफेंसिव से अटैक पोजीशनकी तरफ रहा है। यह बदलाव क्षेत्रीय और क्षेत्र से बाहर के विरोधियों को सख्त संदेश देने की कोशिश है। प्रेस टीवी के अनुसार, खोर्रमशहर-4 की रेंज 2,000 किमी (1,240 मील) है। यह मिसाइल 1,500 किलोग्राम का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।

    ईरान की खोर्रमशहर-4 कितनी खतराक

    खोर्रमशहर-4 की रेंज और वॉरहेड ले जाने की क्षमता इसे ईरान की सबसे भारी ऑपरेशनल बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक बनाती है। इसकी रिपोर्ट की गई सटीकता 30 मीटर है। इसकी रफ्तार वायुमंडल के बाहर मैक 16 और इसके अंदर मैक 8 तक पहुंचती है। इससे इसे रोकने के लिए एयर-डिफेंस सिस्टम का रिएक्शन टाइम काफी कम हो जाता है।

    ईरान की यह मिसाइल मैनेवरेबल रीएंट्री व्हीकल (MaRV), मिड-कोर्स गाइडेंस, कम रडार क्रॉस-सेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के प्रति उच्च प्रतिरोध से लैस है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इन विशेषताओं का यह संयोजन मिसाइल-डिफेंस नेटवर्क के खिलाफ खोर्रमशहर-4 की पैठ बनाने की क्षमता को काफी बढ़ा देता है।

    बातचीत भी मिसाइलों की तैनाती भी

    IRGC के पॉलिटिकल डिप्टी ने अल-मयादीन न्यूज नेटवर्क को बताया कि खोर्रमशहर-4 का अनावरण ईरान की अपनी रक्षा शक्ति बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान का डिप्लोमैटिक बातचीत में शामिल होने का मतलब अपनी मिलिट्री क्षमताओं को छोड़ना नहीं है।

    यह ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका और ईरान ने शुक्रवार को ओमान में परमाणु वार्ता कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि यह बैठक मस्कट में शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू होगी। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि बातचीत हो रही है। इससे पहले बातचीत के खतरे में पड़ने की बात सामने आई थी।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।