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  • ‘ईरान पर हमला करना होगा’, शिया मुल्क के खिलाफ ट्रंप के साथ आया सऊदी अरब, रक्षा मंत्री पहुंचे वॉशिंगटन

    वॉशिंगटन: अमेरिकी और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ईरान को धमकी दी है कि वह परमाणु कार्यक्रम पर डील करने या फिर बड़े हमले के लिए तैयार रहे हैं। उन्होंने विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट


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    By Azad Hind Desk जनवरी 31, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिकी और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ईरान को धमकी दी है कि वह परमाणु कार्यक्रम पर डील करने या फिर बड़े हमले के लिए तैयार रहे हैं। उन्होंने विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है, जिससे संभावना जताई जा रही है कि ट्रंप कभी भी ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए खाड़ी के प्रमुख मुस्लिम देश सऊदी अरब भी समर्थन हासिल हो गया है।

    वॉशिंगटन में सऊदी रक्षा मंत्री

    सऊदी अरब ने ईरान पर हमला करने की योजना का न सिर्फ समर्थन किया है बल्कि इसे जरूरी कदम बताया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान (KBS) ने वॉशिंगटन में एक प्राइवेट ब्रीफिंग में कहा कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो ईरानी सरकार का हौसला बढ़ेगा। शुक्रवार को हुए इस ब्रीफिंग में मौजूद चार सूत्रों ने एक्सियोस को यह बताया है।

    सऊदी का बयान क्यों है खास?

    सऊदी रक्षा मंत्री ने जो कहा है वह सार्वजनिक तौर पर दिए सऊदी अरब के बयानों से बिल्कुल उलट है। रियाद ने क्षेत्र में तनाव बढ़ाने को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी थी। यही नहीं, तीन सप्ताह पहले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से जो चिंता जताई थी यह उससे भी अलग है। बताया जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमले की योजना को अंजाम देने वाले थे लेकिन सऊदी की चेतावनी के बाद ट्रंप ने इसे टालने का फैसला किया।

    ईरान पर सऊदी अरब का रुख

    हालिया घटनाक्रम में इसी सप्ताह सऊदी क्राउन प्रिंस ने इसी सप्ताह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की थी। इस दौरान MBS ने तेहरान के नेतृत्व को भरोसा दिया था कि सऊदी अरब के एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान MBS ने कहा कि रियाद, ईरान की संप्रभुता का सम्मान करता है। उन्होंने बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाए जाने के प्रयास का समर्थन किया।

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