अमेरिका ने कहां तैनात किए एयर डिफेंस सिस्टम
अमेरिका ने यह नहीं बताया है कि उसने THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) बैटरी और पैट्रियट डिफेंस सिस्टम को मध्य पूर्व में कहां तैनात किया है। लेकिन, आशंका जताई जा रही है कि इनकी तैनाती न सिर्फ इजरायल, बल्कि मध्य पूर्व में मौजूद 8 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर की गई है। ये सैन्य अड्जे बहरीन, कतर, कुवैत, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन, तुर्की और इराक में स्थितहैं। अमेरिका ने इन सैन्य अड्डों को छोटी दूरी के कई दूसरे एयर डिफेंस सिस्टम से भी लैस किया है। जनवरी 2026 तक, मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका के लगभग 30,000 से 40,000 सैनिक तैनात हैं।
मध्य पूर्व तनाव का भारत पर असर
आशंका जताई जा रही है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव और ज्यादा बढ़ता है तो इसका असर भारत पर बहुत बुरा हो सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जनवरी 2025 के आंकड़ों के अनुसार भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 53.89% मध्य पूर्व से आयात करता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आ सकती है, जिससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम प्रभावित हो सकते हैं।
भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा
हूती विद्रोहियों के हमलों ने वैश्विक व्यापार को पहले ही प्रभावित किया है। भारतीय निर्यातकों के लिए शिपिंग लागत लगभग दोगुनी हो गई है। इससे माल भेजने में देरी भी हो रही है। कच्चे तेल और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन और कृषि लागत बढ़ रही है, जिससे भारत में खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण शेयर बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। तनाव बढ़ने पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारतीय रुपया कमजोर हो सकता है।













