यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, निकोलस मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन में वेनेजुएला की आर्मी को बेबस करने वाले हथियारों के बारे में खुद डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इशारा किया गया। स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन की जानकारी देते हुए ट्रंप ने कहा कि हमारे पास जो खास एक्सपर्टीज है, उसकी वजह से वेनेजुएला की राजधानी काराकास की लाइटें काफी हद तक बंद थीं और उनके सैनिक बेबस थे।
मादुरो के गार्ड खून की उल्टी कर रहे थे
निकोलस मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन के समय उनकी सुरक्षा में तैनात रहे एक गार्ड का कहना है कि अमेरिकी सैनिक टेक्नोलॉजी में बहुत एडवांस्ड थे। वे आम हथियारों के साथ नहीं थे। उन्होंने कुछ लॉन्च किया, जो बहुत तेज साउंड वेव जैसा था। मुझे लगा कि मेरा सिर फट रहा है। हम सबकी नाक से खून बहने लगा। कई गार्ड खून की उल्टियां करने लगे और बेजान होकर जमीन पर गिर गए।’
अमेरिकी हमले को झेलने वाले वेनेजुएला के सैनिकों का कहना है कि हमारे पास उनकी टेक्नोलॉजी का मुकाबला करने का कोई तरीका नहीं था। उन्होंने सोनिक हथियार या जो भी इस्तेमाल किया हो लेकिन यह सच है कि इसके बाद हम खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। एक्सपर्ट का कहना है कि यह वर्णन सोनिक हथियारों के इस्तेमाल के इस्तेमाल का इशारा है, जिसका इशारा ट्रंप प्रशासन कर रहा है।
अमेरिकी सेना के खतरनाक हथियार
अमेरिकी इंटेलिजेंस सोर्स के मुताबिक, वेनेजुएला सैनिक ने जो बताया है, वह डायरेक्टेड-एनर्जी वेपन या सोनिक हथियार के जैसा है। ये वेपन टारगेट पर माइक्रोवेव या लेजर जैसी फोकस्ड एनर्जी का इस्तेमाल करते हैं। यूएस मिलिट्री के पास इसके कई वर्जन हैं। इनमें से कुछ सिस्टम से टारगेट को ब्लीडिंग, दर्द, जलन और काम ना कर पाने की समस्या हो सकती है।
अमेरिकी मिलिट्री के पास डायरेक्टेड एनर्जी वेपन होने का दावा किया जाता है, जो माइक्रोवेव या लेजर बीम जैसी फोकस्ड एनर्जी का इस्तेमाल करके टारगेट को न्यूट्रलाइज करते हैं। हालांकि वेनेजुएला में यह पहली बार हो सकता है, जब लड़ाई में इन हथियारों का इस्तेमाल किया गया हो। वेनेजुएला मिशन पूरा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान के खिलाफ भी ऐसे हथियारों का इस्तेमाल हो सकता है।
ईरान पर सोनिक वेपन का संकट
ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनातनी चल रही है। अमेरिका की ओर से लगातार ईरान पर हमला करने और सत्ता परिवर्तन की कोशिश की धमकी दी है। ईरान में भी अमेरिकी उसी तरह की बात कर रहा है, जिस तरह की कई बातें वह वेनेजुएला की सत्ता के लिए कर रहा था। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ईरान में भी इन हथियारों को इस्तेमाल कर लिया जाए।
सोनिक वेपन को ध्वनि का हथियार कहा जाता है क्योंकि यह बहुत तेज आवाज पैदा करते हैं। इन हथियारों की हाई फ्रिक्वेंसी से सिरदर्द, मतली और चक्कर आने लगते हैं। नाक से खून या खून की उल्टी भी इनकी चपेट में आने से हो सकती है। यह हथियार ट्रांसड्यूसर्स के जरिए बिजली को ध्वनि ऊर्जा में बदलते हैं। इससे पैदा होने वाली साउंड वेव को एक खास जगह केंद्रित किया जाता है।













