यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, सऊदी रॉयल फैमिली के एक सोर्स ने रविवार को N12 न्यूज को बताया कि ईरान के लिए लिमिटेड मिलिट्री एक्शन कोई हल लेकर नहीं आएगा। ईरान में अब एक बड़े बुनियादी बदलाव की जरूरत है। इसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को हटाकर नई सरकार को तेहरान में लाना सबसे अहम है।
ईरान में नई मजबूत सरकार बने
सोर्स ने कहा, ‘खामेनेई के शासन के ढांचे को एक-एक करके खत्म करना होगा। ईरान में शासन को उखाड़कर फेंका जाए और एक मजबूत सरकार वहां बननी चाहिए। ईरान में इराक की तरह मौजूद कमजोर टेक्नोक्रेटिक सरकार के मॉडल को नहीं दोहराया जाना चाहिए। तेहरान में एक मजबूत सरकार को खामेनेई शासन की जगह लेनी चाहिए।’
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के शासन विरोधी प्रदर्शनकारियों का अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से भरोसा उठा है तो इसका हल यह है कि तेहरान की टॉप लीडरशिप को खत्म किया जाए। खामेनेई समेत मौजूदा लीडरशिप तेहरान की सत्ता से दूर हो और फिर चुनाव कराए जाए। सूत्र ने यह भी दावा किया कि क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ईरान के लोगों को मंजूर नहीं है।
ईरान में मौका हाथ से निकला
सऊदी सूत्र ने ईरान के हालिया प्रदर्शन के बावजूद खामेनेई के सत्ता में बने रहने को मौका चूकना कहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिर्फ तेहरन का दमन की वजह नहीं है। बल्कि बाहरी सपोर्ट की कमी की वजह से भी है। अमेरिका ने ईरानी शासन के खिलाफ प्रोटेस्ट करने वालों को समर्थन ना देकर उनका भरोसा खो दिया है। अब नए सिरे से ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए काम करना होगा।
ईरान में इस साल की शुरुआत में खामेनेई शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। इसमें अमेरिका भी कूद गया और लगातार ईरान पर हमले की धमकी दे रहा है। अमेरिका और इजरायल ने बीते साल भी ईरान में हमले किए थे। इजरायल और अमेरिका की कोशिश ईरान से अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को हटाकर अपनी मर्जी के लोगों को सरकार में लाने की है।













