MEK ने कहा है कि सोमवार रात तक 150 से ज्यादा दूसरे MEK विद्रोही “सुरक्षित रूप से अपने बेस पर लौट आए” हैं। इसने कहा कि वे मारे गए और घायल लड़ाकों के नाम इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन को देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी तेहरान में मोताहारी कॉम्प्लेक्स, जहां खामेनेई का हेडक्वार्टर है वहां सबसे बड़ा संघर्ष हुआ है। इसके अलावा गार्डियन काउंसिल, एक्सपर्ट्स की असेंबली, इंटेलिजेंस मिनिस्टर का ऑफिस, ज्यूडिशियरी सेंट्रल ऑफिस, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, एक्सपीडिएंसी काउंसिल और खामेनेई के बेटे मोजतबा के ऑफिस और उनके घर के बाहर भी दोनों समूहों के बीच झड़प हुए हैं।
ईरान में तख्तापलट की कोशिश?
IRGC का दावा है कि उन्होंने 100 से ज्यादा ‘आतंकवादियों’ (MEK लड़ाकों) को मार गिराया या गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने इसे विदेशी खुफिया एजेंसियों के समर्थन पर शुरू किया गया एक “जटिल ऑपरेशन” बताया है। वहीं, MEK जिसे एक विपक्षी गुट माना जाता है, उसने पुष्टि की है कि उनके लड़ाकों ने खामेनेई के मुख्यालय को निशाना बनाया है। इसका दावा है कि उन्होंने ईरानी शासन को भारी नुकसान पहुंचाया है और उनके 150 लड़ाके सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट आए हैं। राजधानी तेहरान में सोमवार (23 फरवरी) की सुबह से ही पाश्चर स्ट्रीट और वलीअसर चौराहे पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। शहर में दंगारोधी वाहन और मशीनगनों से लैस सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।












