ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच 10 अफगानी और छह भारतीयों की गिरफ्तारी वाली कथित रिपोर्ट को शेयर करते हुए भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने एक्स पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि ईरान में हो रहे डेवलपमेंट के बारे में कुछ विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट ऐसी खबरें चल रही हैं, जो पूरी तरह से गलत हैं। मेरी सभी से गुजारिश है कि वे ऐसी रिपोर्ट का भरोसा ना करें और भरोसेमंद सोर्स से ही जानकारी लें।
ईरान में सड़कों पर लोग
ईरान में महंगाई और करेंसी में गिरावट को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को जाना चाहिए। ईरान के अपदस्थ शाह के बेटे रजा पहलवी विरोध तेज करने की अपील कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान में सड़कों पर उतरे लोगों का सार्वजनिक समर्थन किया है।
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार तक 538 हो गई है। मारे गए लोगों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य हैं। देशभर में अभी तक 10,670 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ईरान में इंटरनेट बंद
ईरान में प्रदर्शनों में हिंसा को देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई हैं। इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कटी होने के कारण प्रदर्शनों के जमीन पर असर और हिंसा में नुकसान के बारे में सटीक जानकारी दुनिया के सामने नहीं आ सकी है। ईरानी सरकार की ओर से प्रदर्शनों में हताहतों की संख्या नहीं बताई गई है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रदर्शन के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ बताया है। उन्होंने ईरान के लोगों से संभलकर रहने के लिए कहा है। पेजेश्कियान ने कहा कि विदेश में ट्रेनिंग पाए लोग जनता पर गोलियां चला रहे हैं। ये लोग आजगनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम देकर हंगामा कर रहे हैं।












