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  • ईरान में हिंसा की तरफ बढ़े विरोध प्रदर्शन, झड़पों में IRGC के सुरक्षाकर्मी की मौत, तनाव बढ़ा

    तेहरान: ईरान में महंगाई और करेंसी की खराब हालत के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को पांचवें दिन में दाखिल हो गया है। गुरुवार को कुछ जगहों पर हिंसा और सुरक्षाबलों की प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पें हुई हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि प्रदर्शनकारियों से झड़पों में एक सुरक्षाकर्मी की मौत


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    By Azad Hind Desk जनवरी 1, 2026
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    तेहरान: ईरान में महंगाई और करेंसी की खराब हालत के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को पांचवें दिन में दाखिल हो गया है। गुरुवार को कुछ जगहों पर हिंसा और सुरक्षाबलों की प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पें हुई हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि प्रदर्शनकारियों से झड़पों में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई है। मरने वाला ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का वॉलंटियर था। रविवार को प्रदर्शन शुरू होने के बाद अधिकारियों ने पहली बार किसी मौत की पुष्टि की है।

    ईरान में विरोध प्रदर्शन रविवार को तेहरान के ग्रैंड बाजार के दुकानदारों की ओर से शुरू हुए। ये प्रदर्शन खुले बाजार में ईरानी रियाल के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद शुरू हुए। तेहरान से शुरू होने के बाद हामेदान, केशम, मलार्ड, इस्फहान, शिराज जैसे शहरों में भी लोगों ने प्रदर्शन किया है।

    सुरक्षाबलों से पहली मौत

    ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि खराब अर्थव्यवस्था के कारण हो रहे प्रदर्शनों के दौरान ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक वॉलंटियर सदस्य पश्चिमी प्रांत में मारा गया, जो विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों में पहली मौत है। बसीज फोर्स के 21 साल के वॉलंटियर की मौत बुधवार रात हुई है।

    स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क नाम की ईरानी न्यूज एजेंसी ने कहा कि IRGC कर्मी पब्लिक ऑर्डर की रक्षा करते हुए मारा गया। वहीं 13 बसीज सदस्यों और पुलिस अधिकारियों को चोटें आई हैं। यह विरोध प्रदर्शन तेहरान से 400 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में कौहदश्त शहर में हुए। स्थानीय प्रॉसिक्यूटर काजिम नजारी ने कहा कि 20 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

    सरकार ने दिया बातचीत का ऑफर

    राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व वाली ईरानी सरकार ने कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करना चाहती है। पेजेशकियन ने माना है कि वह फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कर सकते क्योंकि ईरान की रियाल करेंसी तेजी से नीते गिर गई है। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 1.4 मिलियन ईरानी रियाल हो गई है, जिससे कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

    ईरान में 2022 के विरोध प्रदर्शन के बाद पहली बार लोग इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर हैं। 2022 में पुलिस हिरासत में 22 साल की महसा अमिनी की मौत के बाद देशभर में प्रदर्शन हुए थे। इस बार मंहगाई और कमजोरी करेंसी वजह बनी है। हालांकि मौजूदा प्रदर्शन अभी पूरे देश में नहीं फैले हैं लेकिन सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती जरूर बन रहे हैं।

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