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  • ईरान युद्ध के बीच क्या अमेरिका का हथियार भंडार खत्म हो रहा? ट्रंप ने बाइडन और जेलेंस्की को क्यों फटकारा?

    वॉशिंगटन: ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारों को लेकर एक पोस्ट किया है। उन्होंने ईरान युद्ध के बीच कहा है कि “यूनाइटेड स्टेट्स के हथियारों का स्टॉक, मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड पर, कभी इतना ज्यादा या बेहतर नहीं रहा, जैसा कि आज मुझे बताया गया। हमारे पास इन हथियारों की लगभग अनलिमिटेड


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    By Azad Hind Desk मार्च 3, 2026
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    वॉशिंगटन: ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारों को लेकर एक पोस्ट किया है। उन्होंने ईरान युद्ध के बीच कहा है कि “यूनाइटेड स्टेट्स के हथियारों का स्टॉक, मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड पर, कभी इतना ज्यादा या बेहतर नहीं रहा, जैसा कि आज मुझे बताया गया। हमारे पास इन हथियारों की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है। सिर्फ इन सप्लाई (जो दूसरे देशों के सबसे अच्छे हथियारों से बेहतर हैं!) का इस्तेमाल करके युद्ध “हमेशा के लिए” और बहुत कामयाबी से लड़े जा सकते हैं।”

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा है कि “हमारे पास हथियारों की अच्छी सप्लाई है लेकिन हम वहां नहीं हैं जहां हम होना चाहते हैं। हमारे लिए बहुत ज्यादा हाई ग्रेड के हथियार बाहरी देशों में जमा हैं। सुस्त जो बाइडेन ने अपना सारा समय और हमारे देश का पैसा, सब कुछ यूक्रेन के पी.टी. बरनम (जेलेंस्की) (सर्कस चलाने वाला कलाकार) को दे दिया। सैकड़ों अरबों डॉलर की कीमत के हथियार बाइडेन ने मुफ्त में दे दिए। उन्होंने इन हथियारों को बदलने की कोशिश नहीं की। खुशकिस्मती से मैंने अपने पहले कार्यकाल में मिलिट्री को फिर से बनाया और ऐसा करना जारी रख रहा हूं। यूनाइटेड स्टेट्स के पास स्टॉक है और वह बड़ी जीत के लिए तैयार है!!!”

    अमेरिका के पास क्या हथियारों का भंडार कम हो रहा?
    डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारों की सप्लाई अनलिमिटेड होने की बात कही है। लेकिन उनके दावे शक पैदा करते हैं। पिछले साल जून में अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों से इजरायल को बचाने के लिए अपने THAAD एयर डिफेंस सिस्टम के 25 प्रतिशत इंटरसेप्टर मिसाइल खर्च कर लिए थे। जबकि ऐसी मिसाइलों को बनाने में वक्त लगता है। रातों रात आप दर्जनों मिसाइल नहीं बना सकते हैं। इसीलिए सवाल ये है कि आखिर ट्रंप हथियारों के स्टॉक की बात क्यों कर रहे हैं?

    अमेरिका की हथियार उत्पादन क्षमता कितनी है?
    अमेरिका में हथियार उत्पादन क्षमता को यूक्रेन युद्ध के समय तेजी से बढ़ाया गया है। हथियार स्टॉक कम होने को लेकर 3 साल पहले चेतावनियां दी गईं थी, जिसके बाद उत्पादन को युद्धस्तर पर किया गया है।

    • मिसाइल उत्पादन- द वॉर जोन ने पिछले साल अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि हथियारों के स्टॉक को भरने के लिए लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन जैसी कंपनियों को निर्देश दिए गये हैं। इन कंपनियों को हर साल हजारों की संख्या में Javelin, Stinger और HIMARS मिसाइलों का उत्पादन करने को कहा गया है। लेकिन फिलहाल उत्पादन की स्पीड कितनी है इसकी जानकारी नहीं है।
    • 155mm आर्टिलरी शेल्स- अमेरिका ने इनका उत्पादन बढ़ाकर प्रति महीने 1,00,000 यूनिट्स से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा है। 2022 तक उत्पादन क्षमता 14,400 गोले प्रति महीने था जिसे बढ़ाकर अब 40,000 से 50,000 गोले हर महीने कर दिया गया है।
    • प्रिसिजन मिसाइलें और रॉकेट्स- वॉर जोन की रिपोर्ट के मुताबिक GMLRS (HIMARS के रॉकेट) का उत्पादन यूक्रेन युद्ध में भारी मांग के बाद 14000 रॉकेट प्रति वर्ष कर दिया गया है। लॉकहीड मार्टिन ने इसके लिए अपनी उत्पादन लाइन में दूसरी शिफ्ट जोड़ा है।
    • Javelin (एंटी-टैंक मिसाइल)- वर्तमान में इसका उत्पादन करीब 2,400 मिसाइल प्रति वर्ष है। नई मशीनरी और टेस्टिंग स्टेशनों के साथ 2026 के अंत तक इसे बढ़ाकर 3,960 मिसाइल प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है।
    • HIMARS लॉन्चर्स- इनकी निर्माण क्षमता सालाना 48 यूनिट से दोगुनी करके 96 यूनिट प्रति वर्ष कर दी गई है।
    • पैट्रियट मिसाइलें (PAC-3 MSE)- हवाई हमलों और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए इस मिसाइल का इस्तेमाल किया जाता है। इन बेहद एडवांस मिसाइलों का उत्पादन 500 प्रति वर्ष से बढ़ाकर 2025-26 में 600 से 650 मिसाइल प्रति वर्ष के बीच कर दिया गया है। हाल ही में अमेरिकी सरकार ने 2,000 यूनिट्स प्रति वर्ष तक ले जाने के लिए नए समझौते किए हैं।

    अमेरिका ने हथियार उत्पादन की क्षमता को बढ़ाया है और ये आंकड़े हैं। जमीनी हकीकत क्या है और क्या वाकई युद्धस्तर पर वाकई उत्पादन चल रहा है इसकी जानकारी नहीं हैं। लेकिन अमेरिका के हथियार भंडार को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

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