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  • ईरान युद्ध में अमेरिका को लगा पहला बड़ा झटका: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए

    वॉशिंगटन: अमेरिका ने पहली बार ईरानी हमले में 3 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। इसमें कहा गया है कि पांच अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इसके अलावा कई दूसरे सैनिकों को मामूली चोटें भी आई हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह नहीं बताया है कि ये सैनिक कहां तैनात थे


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    By Azad Hind Desk मार्च 1, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिका ने पहली बार ईरानी हमले में 3 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। इसमें कहा गया है कि पांच अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इसके अलावा कई दूसरे सैनिकों को मामूली चोटें भी आई हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह नहीं बताया है कि ये सैनिक कहां तैनात थे और कैसे इनकी मौत हुई है। अमेरिका ने इतना जरूर कहा है कि उसका कॉम्बैट ऑपरेशन जारी है और शहीद सैनिकों की पहचान सहित जानकारी तब सार्वजनिक की जाएगा, जब उनके परिवार वालों को बताया जाएगा। यह पहली बार है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान अपने सैनिकों की मौत की सूचना दी है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने क्या बताया?

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर लिखा, “1 मार्च को सुबह 9:30 बजे ET तक, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत तीन U.S. सर्विस मेंबर एक्शन में मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हैं। कई और लोगों को छर्रे लगने और कनकशन जैसी मामूली चोटें आई हैं — और उन्हें ड्यूटी पर वापस लाया जा रहा है। बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन जारी हैं और हमारी रिस्पॉन्स की कोशिश जारी है। हालात बदलते रहते हैं, इसलिए परिवारों के सम्मान में, हम अपने शहीद सैनिकों की पहचान सहित और जानकारी तब तक नहीं देंगे, जब तक कि उनके परिवार वालों को बता नहीं दिया जाता।”

    अमेरिका में विपक्ष ने की ट्रंप प्रशासन की आलोचना

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान में सैन्य हमले शुरू करने के फैसले ने अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज कर दी है। वरिष्ठ डेमोक्रेट नेताओं ने इसे अनधिकृत और खतरनाक कार्रवाई करार दिया है, जबकि रिपब्लिकन सांसद इसे निर्णायक और आवश्यक कदम बता रहे हैं। सिनेट इंटेलिजेंस के उपाध्यक्ष मार्क वार्नर ने कहा कि राष्ट्रपति ने व्यापक अमेरिकी हमले किए हैं, जिनमें केवल परमाणु या मिसाइल ढांचा नहीं, बल्कि वरिष्ठ ईरानी नेतृत्व समेत कइयों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और व्यापक संघर्ष में खींच सकता है और इस कार्रवाई में कानूनी और संवैधानिक सवाल उठते हैं।

    डेमोक्रेट नेताओं ने खोला मोर्चा

    सिनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप ने अकेले ईरान के साथ एक और युद्ध शुरू किया है। यह खतरनाक और अवैध है। अमेरिका को घरेलू जरूरतों की अनदेखी करके झूठ पर आधारित हमेशा चलने वाले युद्ध में नहीं फंसाया जाना चाहिए।” हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मीक्स ने इसे राष्ट्रपति के अधिकार का दुरुपयोग करार दिया और कहा कि इस अनधिकृत युद्ध के लिए कांग्रेस (संसद) को अब निर्णय लेना होगा। सिनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप और उनके इजरायली सहयोगी नेतन्याहू ने अवैध, पूर्वनियोजित और असंवैधानिक युद्ध शुरू किया है। उन्होंने चेताया कि अमेरिकी जनता को फिर से धोखा दिया जा रहा है। अन्य डेमोक्रेट नेताओं ने भी युद्ध की रणनीति और अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और युद्ध शक्तियों के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग की।

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