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  • ईरान संकट से कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल, मिसाइल हमले में तीन टैंकरों को नुकसान

    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की कीमत में आज काफी तेजी आई है। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ने से कई टैंकर्स को नुकसान हुआ है और शिपमेंट बाधित हुआ है। इससे सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमत में 7 फीसदी तेजी देखने को मिली। अमेरिका और


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    By Azad Hind Desk मार्च 2, 2026
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    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की कीमत में आज काफी तेजी आई है। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ने से कई टैंकर्स को नुकसान हुआ है और शिपमेंट बाधित हुआ है। इससे सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमत में 7 फीसदी तेजी देखने को मिली। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद पहली बार ट्रेडिंग शुरू होते ही ब्रेंट क्रूड $82.37 प्रति बैरल तक पहुंच गया जो पिछले साल जनवरी के बाद इसका उच्चतम स्तर है। सुबह 8.30 बजे यह 4.54 फीसदी तेजी के साथ 76.18 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

    इजरायल और अमेरिका का हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में संकट गहरा गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान संकट कम से कम चार हफ्ते तक खिंच सकता है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच मिसाइल हमलों से खाड़ी तट पर कम से कम तीन टैंकरों को नुकसान पहुंचा है और एक व्यक्ति की मौत हुई है।

    Iran News: ईरान पर हमला…तो भारत के तेल टैंकर होर्मुज खाड़ी के गेट पर खड़े रह जाएंगे?

    तेल टैंकरों पर निशाना

    ईरान का कहना है कि उसने होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है। दुनिया में 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। साथ ही दुनिया में गैस का सबसे बड़ा सप्लायर कतर इसी रास्ते गैस भेजता है। भारत और चीन सबसे ज्यादा गैस कतर से ही मंगाते हैं। पिछले 24 घंटे में कमर्शियल शिपिंग पर खतरा बढ़ गया है। 200 से ज्यादा जहाज खाड़ी और आसपास लंगर डाले हुए हैं। इनमें ऑयल और एलएनजी टैंकर शामिल हैं।

    जानकारों का कहना है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में होर्मुज की खाड़ी में तेल टैंकरों को निशाना बना रहा है। इससे तेल की सप्लाई को खतरा पैदा हो गया है। सिटी के एनालिस्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते ब्रेंट की कीमत $90 प्रति बैरल तक जा सकती है। इस बीच ओपेक प्लस देशों ने अप्रैल के लिए उत्पादन में 206,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने पर सहमति जताई है।

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