खामेनेई की कथित लक्षित हत्या की निंदा किए जाने पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विदेश मंत्रालय का एक 16 सितंबर 2024 का स्टेटमेंट शेयर कर कहा, इसको भी याद कर लेते’। इस स्टेटमेंट में विदेश मंत्रालय ने खामेनेई द्वारा भारतीय अल्पसंख्यकों पर की गई टिप्पणियों का खंडन किया था।
विदेश मंत्रालय ने खामेनेई को क्या कहा था?
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था, हम ईरान के सर्वोच्च नेता द्वारा भारत में अल्पसंख्यकों के संबंध में की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं। ये टिप्पणियां गलत जानकारी पर आधारित और अस्वीकार्य हैं। अल्पसंख्यकों पर टिप्पणी करने वाले देशों को सलाह दी जाती है कि वे दूसरों के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से पहले अपने स्वयं के रिकॉर्ड पर गौर करें।’
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने खामेनेई की ‘‘लक्षित हत्या’’ की ‘‘स्पष्ट रूप से’’ निंदा करते हुए रविवार को कहा कि किसी भी बाहरी शक्ति को सत्ता परिवर्तन कराने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, कांग्रेस युद्ध की औपचारिक रूप से घोषणा किए बिना एक सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई की लक्षित हत्या किए जाने की स्पष्ट रूप से निंदा करती है।’
- कांग्रेस ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां साम्राज्यवाद के समान हैं और वे नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी दोहराती है कि प्रत्येक देश के नागरिकों को अपना राजनीतिक भविष्य तय करने का अधिकार है।
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस गहरे शोक की घड़ी में सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान के लोगों और दुनिया भर के शिया समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।
- खरगे ने कहा, ‘‘हम इस गंभीर संकट में उनके साथ एकजुटता से खड़े हैं।’’
- कांग्रेस ने कहा कि भारत की विदेश नीति संवाद के जरिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता पर आधारित है, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 में निर्देशित है।














