यूएस-भारत ट्रेड डील के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा काफी अहम हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका इस वक्त ईरान के साथ उलझा हुआ है। वहीं ग्रीन लैंड के मसले पर यूरोपीय संघ के देशों के साथ भी अमेरिका की तनातनी चल रही है। ऐसे में ट्रंप भारत दौरे के दौरान कुछ और बड़े व्यापारिक समझौते करके सबको चौंका सकते हैं।
राजदूत सर्जियो गोर ने और क्या बताया?
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जल्द भारत आ सकते हैं। उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा कि रुबियो की यात्रा क्वाड के साथ-साथ अन्य पहलों का भी हिस्सा होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य न केवल अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय हितों को आगे बढ़ाना है, बल्कि जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ हिंद-प्रशांत सहयोग की व्यापक रूपरेखा को भी आगे बढ़ाना है।
एआई समिट पर क्या बोले गोर?
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के शुरुआती सेशन से लौटे गोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘यह बहुत असरदार समिट रही है, हमारे दोनों देशों के बीच बहुत सारे मौके हैं, हम जुड़ने के लिए उत्सुक हैं’ सर्जियो गोर के अलावा, US के इकोनॉमिक अफेयर्स के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग, इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सेक्रेटरी एस कृष्णन, उस समय मौजूद थे, जब भारत ने पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन पर साइन किया और उसे एक्सचेंज किया।













