ट्रांसक्यूटेनियस ऑरिकुलर न्यूरोस्टिमुलेशन” तकनीक का उपयोग करता है डिवाइस
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ओमबॉडी डिवाइस का काम कानों के आसपास की खास नसों को उत्तेजित (स्टिमुलेट) करना है। कैथरीन रेल ने CES 2026 में बताया कि यह डिवाइस “ट्रांसक्यूटेनियस ऑरिकुलर न्यूरोस्टिमुलेशन” तकनीक का उपयोग करता है। इसमें “वेगस और ट्राइजेमिनल नसों” को उत्तेजित किया जाता है। स्पार्क बायोमेडिकल के अनुसार, यह उत्तेजना नर्वस सिस्टम को कंट्रोल करती है और ब्लड फ्लो को प्रभावित करती है। यह प्लीहा (spleen) में प्लेटलेट्स को एक्टिव करके रक्तस्राव (बल्ड फ्लो) को कम करती है।
बल्क फ्लो में आई 50 प्रतिशत की कमी
कंपनी ने हाल ही में इंसानों पर हुए इसके ट्रायल का डेटा को भी पब्लिश किया है। रेल ने कहा, “हमने इस साल फ्रंटियर्स (Frontiers) में अपनी रिसर्च को पब्लिश किया है। इस पायलट रिसर्च में 16 लोग शामिल थे। इनमें वॉन विलेब्रांड रोग (von Willebrand Disease) वाली महिलाएं और भारी मासिक रक्तस्राव (ब्लड फ्लो) वाली महिलाएं थीं। मासिक धर्म के दौरान हर दिन ओमबॉडी वियरेबल का उपयोग करने वाली प्रतिभागियों ने मासिक रक्तस्राव में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी देखी। साथ ही, उनके मासिक धर्म की अवधि लगभग 20 प्रतिशत कम हो गई। ऐंठन, थकान में भी सुधार देखने को मिला। स्पार्क बायोमेडिकल अभी भी अपने क्लिनिकल काम को जारी रखे हुए है। ओमबॉडी को अभी तक एफडीए (FDA) से मंजूरी नहीं मिली है। कंपनी का कहना है कि वे इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
स्पार्क बायोमेडिकल भविष्य में बिजनेस के तौर पर भी अवसरों को देख रहा है। रेल ने कहा, “अगले तीन से पांच वर्षों में हम साझेदारी के माध्यम से बहुत सारे ऐसे अवसर देखते हैं। कंपनी अधिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विस्तार करने का विचार कर रही है।













