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  • उमर खालिद-शरलीज इमाम पर आज आएगा ‘सुप्रीम’ फैसला, बेल मिलेगी या जेल में ही रहना होगा, जानें

    नई दिल्ली: दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। पिछले 5 साल से जमानत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई पर आज सुप्रीम फैसला आने वाला है। बता दें कि ये मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी


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    By Azad Hind Desk जनवरी 5, 2026
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    नई दिल्ली: दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। पिछले 5 साल से जमानत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई पर आज सुप्रीम फैसला आने वाला है। बता दें कि ये मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम मामले से जुड़ा है।

    सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने दिल्ली पुलिस और आरोपियों की तरफ से पेश हुए सीनियर वकीलों की लंबी सुनवाई के बाद दिसंबर में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन याचिकाओं में सितंबर 2023 के दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आरोपों की ‘गंभीर’ प्रकृति और कथित साजिश की गंभीरता का हवाला देते हुए आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

    इन पर लगे मास्टमाइंड होने के आरोप

    दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद पर फरवरी 2020 की हिंसा के ‘मास्टरमाइंड’ होने का आरोप है, जिसमें UAPA और कई दूसरी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। यह हिंसा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और प्रस्तावित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के विरोध प्रदर्शनों के बीच भड़की थी। इसमें 53 लोग मारे गए और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

    साजिश के तहत हिंसा का आरोप

    बता दें कि आरोपियों की बेल का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने बार-बार यह तर्क दिया है कि हिंसा अचानक नहीं हुई थी, बल्कि यह एक अच्छी तरह से डिजाइन की गई, अच्छी तरह से बनाई गई और पहले से प्लान की गई साजिश का हिस्सा थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में पुलिस ने दावा किया कि दंगे एक प्लान किया गया सत्ता बदलने का ऑपरेशन था, जिसका मकसद भारत को अस्थिर करना और दुनिया भर में उसे बदनाम करना था।

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