इन 10 आरोपियों पर लगाया गया गैंगस्टर एक्ट
बिजनौर शहर कोतवाली के इंस्पेक्टर रामप्रताप ने लवी उर्फ सुशांत उर्फ हिमांशु निवासी नई बस्ती, आकाश उर्फ गोला उर्फ दीपेंद्र निवासी नई बस्ती, सार्थक चौधरी उर्फ रिक्की निवासी रम्मू का चौराहा, अंकित उर्फ पहाड़ी निवासी राम का चौराहा, अर्जुन कर्णवाल निवासी बुल्ला का चौराहा, अजीम अहमद निवासी मोहल्ला कस्साबान, सबुद्दीन उर्फ सैबी निवासी मुहल्ला अजारजान, शुभम और शिवा निवासी नई बस्ती चमरपेड़ा और गाजियाबाद के जनकपुर निवासी शशांक के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
गैंग लीडर रिक्की चौधरी
आरोप है कि इन सभी का एक संगठित गिरोह है, जिनका गैंग लीडर सार्थक उर्फ रिक्की चौधरी है। ये आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए संगठित रुप से गिरोह बनाकर अपहरण और फिरौती जैसे अपराध में लिप्त हैं। इनके अपराधों की जानकारी गैंग चार्ट में लिखा हुई है।
20 नवंबर 2024 को मुश्ताक खान का अपहरण
दरअसल, 20 नवंबर 2024 को आरोपियों ने इंवेट के नाम पर मुश्ताक खान को बुलाया। उन्होंने मुंबई से दिल्ली के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराया। सभी आरोपी उसी दिन स्कॉर्पियो लेकर दिल्ली पहुंच गए और वहां से मुश्ताक खान को अपहरण कर बिजनौर ले आए थे। बिजनौर में सुशांत उर्फ लवी के मकान पर रखा गया। मुश्ताक खान का मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया और तो और एक्टर से उनके बैंक अकाउंट की सारी डिटेल और पासवर्ड भी ले लिए। आरोपियों ने खूब जमकर शॉपिंग भी की। उसी रात जब आरोपी शराब के नशे में थे, तो मुश्ताक खान मौका देखकर भाग निकले और फिर पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
2 दिसंबर 2024 को सुनील पाल को ऐसे किया किडनैप
इसी तरह 2 दिसंबर 2024 को कॉमेडियन सुनील पाल का अपहरण कर लिया गया। उन्हें हरिद्वार के एक इवेंट में बुलाया गया था। सुनील पाल फ्लाइट लेकर मुंबई से दिल्ली पहुंचे। जब वह दिल्ली से मेरठ जा रहे थे तो बीच में ही उनका अपहरण कर लिया गया, और उन्हें मेरठ ले गए। सुनील पाल को आंखों पर पट्टी बांधकर वहीं बंधक बनाकर रखा गया और फिर उनके दोस्तों को फोन करके 8 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी। बाद में सुनील पाल ने मेरठ के लालकुर्ती थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को पकड़ा था।













