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  • एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद सिगरेट ₹55/पैक तक हुई महंगी, जानें नया रेट?

    नई दिल्ली: सिगरेट पीने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होने के बाद रविवार से सिगरेट के दाम में प्रति 10 सिगरेट के पैकट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। वितरकों के अनुसार, 76 मिमी लंबाई वाली प्रीमियम सिगरेट अब ब्रांड के हिसाब से


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    By Azad Hind Desk फरवरी 2, 2026
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    नई दिल्ली: सिगरेट पीने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होने के बाद रविवार से सिगरेट के दाम में प्रति 10 सिगरेट के पैकट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। वितरकों के अनुसार, 76 मिमी लंबाई वाली प्रीमियम सिगरेट अब ब्रांड के हिसाब से 10 सिगरेट के पैकट पर 50 से 55 रुपये तक महंगी हो गई हैं।

    हालांकि, कंपनियों ने अभी नई अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) घोषित नहीं की है, लेकिन वितरक पुराने स्टॉक की बिलिंग खुदरा विक्रेताओं को 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ कर रहे हैं। रविवार को थोक बाजार बंद रहने के कारण व्यापारियों को उम्मीद है कि सोमवार से नई कीमतों वाला नया माल बाजार में आएगा। लोकप्रिय मध्यम श्रेणी की सिगरेट ‘विल्स नेवी कट’, जिसकी कीमत पहले 95 रुपये प्रति पैकेट थी, अब करीब 120 रुपये प्रति पैकेट हो सकती है।

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    खैनी-गुटखा भी हुए महंगे

    इसी तरह, 84 मिलीमीटर लंबाई वाली सिगरेट जैसे ‘गोल्ड फ्लेक लाइट्स’, ‘विल्स क्लासिक’ और ‘विल्स क्लासिक माइल्ड्स’, जिनकी कीमत पहले 170 रुपये प्रति पैकेट थी, अब 220 से 225 रुपये प्रति पैकेट तक हो सकती है। वहीं, पतली सिगरेट ‘क्लासिक कनेक्ट’, जो 20 सिगरेट के पैकेट में 300 रुपये की मिलती थी, अब लगभग 350 रुपये की हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि महीने के अंत तक कंपनियां नई कीमतों वाले पैकेट बाजार में भेज देंगी।

    सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर 1 फरवरी से लागू हो गया। यह जीएसटी की उच्चतम 40% की दर के ऊपर लगाया गया है। उपकर और उत्पाद शुल्क ने इन हानिकारक वस्तुओं पर 1 जुलाई 2017 से लागू 28% जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लिया है। इसके अलावा, 1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू और गुटखा) के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य आधारित मूल्यांकन की नई व्यवस्था शुरू हो गई है। इसके तहत जीएसटी का निर्धारण पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर किया जाएगा।

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