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  • एक बार मुंह की खाने के बाद भी नहीं सुधरा बांग्लादेश, फिर आईसीसी के पास पहुंच गया

    नई दिल्ली: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत नहीं भेजना चाहता। इसके लिए उसने आईसीसी को ईमेल भेजा था। बोर्ड की तरफ से खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला दिया गया था। आईसीसी ने बांग्लादेश की रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर दिया था। उसने जवाब में साफ


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    By Azad Hind Desk जनवरी 9, 2026
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    नई दिल्ली: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत नहीं भेजना चाहता। इसके लिए उसने आईसीसी को ईमेल भेजा था। बोर्ड की तरफ से खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला दिया गया था। आईसीसी ने बांग्लादेश की रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर दिया था। उसने जवाब में साफ कर दिया था कि उसे सुरक्षा में कोई दिक्कत नहीं दिख रही। अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी को दूसरा औपचारिक पत्र भेजा है।

    सुरक्षा चिंता के बारे में विस्तार से बताया

    रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरल के बीच हुई चर्चाओं के बाद नया पत्र भेजा गया है। आसिफ नजरल इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाए हुए हैं। बोर्ड से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘आईसीसी सुरक्षा को लेकर चिंता वाली बात के बारे में जानना चाहता था और बीसीबी ने उसके बारे में विस्तार से बताया है।

    टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। भारत के साथ ही श्रीलंका भी टूर्नामेंट का मेजबान है। हालांकि बांग्लादेश को अपने चारों ग्रुप राउंड के मैच भारत में खेलने हैं। उसके तीन मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स और एक मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर है। बांग्लादेश के वर्तमान रुख से टूर्नामेंट में उसके हिस्सा लेने पर अनिश्चिता के बादल मंडरा रहे हैं। इस मामले की शुरुआत बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने के बाद शुरू हुआ है।

    दो गुट में बंटा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड

    आईसीसी की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बनाया नहीं आया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अंदर भी इसपर दो राय हैं। एक गुट चाहता है कि टीम भारत न आए और कोई समझौता के लिए तैयार नहीं है। वहीं दूसरा गुट चाहता है कि आईसीसी और भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखा जाए। उनका मानना है कि पूरी तरह सुरक्षा मिले तो मामला खत्म हो सकता है।

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