• National
  • एक ही सड़क कई सालों तक बनाई जाती थी, जानें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्यों कही ये बात

    नई दिल्ली: वीबीजी राम जी कानून को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा भ्रष्‍टाचार का एक पर्याय बन चुका था, जहां श्रमिकों को प्राय: दरकिनार करके उनका शोषण किया जाता था। ग्राम सभाओं (गांव परिषदों) द्वारा किए गए सोशल ऑडिट में 10 लाख से ज्यादा शिकायतें सामने आईं। विकास के नाम


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 4, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: वीबीजी राम जी कानून को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा भ्रष्‍टाचार का एक पर्याय बन चुका था, जहां श्रमिकों को प्राय: दरकिनार करके उनका शोषण किया जाता था। ग्राम सभाओं (गांव परिषदों) द्वारा किए गए सोशल ऑडिट में 10 लाख से ज्यादा शिकायतें सामने आईं। विकास के नाम पर वही काम बार-बार किया जा रहा था। एक ही सड़क एक साल, दो साल, तीन साल तक बनाई जा रही थी। नहर और सड़क किनारे की सफाई के नाम पर पैसे का गबन किया जा रहा था। 80 साल से ज्यादा उम्र के मजदूर काम कर रहे थे।

    झूठ की दुकान, भ्रम की फैक्ट्री हैं कांग्रेस

    शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 8,48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए गए। UPA सरकार के समय लगभग 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। स्थायी संपत्ति कैसे बनाई गई? क्या इस पैसे का इस्तेमाल गांवों के विकास के लिए किया गया? कांग्रेस झूठ की दुकान है, भ्रम की फैक्ट्री है, अफवाहों का बाजार है। अब वे कह रहे हैं कि मजदूरों को काम नहीं मिलेगा।

    मजदूरों के हितों की सुरक्षा की गई

    केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मजदूरों के हितों की बहुत बेहतर तरीके से रक्षा की गई है। 100 दिनों के बजाय, 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान मजबूत किया गया है। अब, मजदूरी के भुगतान में देरी पर जुर्माने का प्रावधान है। अतिरिक्त पैसे देने होंगे। सच तो यह है कि पहले राज्य सरकारें खास प्रोजेक्ट्स के लिए लक्ष्य तय करती थीं। अब यह तय किया गया है कि सिर्फ ग्राम सभा और ग्राम पंचायत, यानी सरपंच, चुने हुए प्रतिनिधि और गांव वाले ही तय करेंगे कि गांव में कौन सा काम होगा। यह ऊपर से तय नहीं होगा। यह गांव के स्तर पर तय होगा।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।