बल्लेबाजी गहराई बनी मुख्य कारण
अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए डीविलियर्स ने समझाया कि टी20 फॉर्मेट में भारत अब अपनी बल्लेबाजी में गहराई चाहता है। उन्होंने कहा, ‘भारत के पास जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के रूप में दो मुख्य सीमर हैं। तीसरे सीमर के रूप में हर्षित राणा को इसलिए प्राथमिकता दी गई क्योंकि वे बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। सिराज एक शानदार गेंदबाज हैं, लेकिन वे केवल गेंदबाज हैं। टीम का यह फैसला रणनीति पर आधारित है।’
स्पिनरों के इर्द-गिर्द बुनी गई है रणनीति
डीविलियर्स के अनुसार, भारतीय टीम का मुख्य ध्यान तेज गेंदबाजी के बजाय स्पिन विभाग पर है। उन्होंने कहा कि भारत की योजना स्पिनरों के माध्यम से मैच जीतने की है। अगर बुमराह और अर्शदीप शुरुआत में विकेट लेते हैं, तो उसे एक बोनस माना जाएगा, लेकिन असली दबाव कुलदीप यादव जैसे स्पिनर बनाएंगे। डीविलियर्स ने कहा, ‘भारत ने अपनी गेंदबाजी में सभी पहलुओं को कवर किया है। अगर बुमराह का दिन शांत रहता है, तो कुलदीप आकर मैच का रुख बदल सकते हैं।’
सिराज के भविष्य पर बात करते हुए डीविलियर्स ने स्पष्ट किया कि उनके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘सिराज भले ही इस टी20 विश्व कप के लिए दुर्भाग्यशाली रहे, लेकिन वे अभी भी भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हैं। वे 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं में काफी आगे हैं।’ बता दें कि सिराज ने आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 मैचों में 16 विकेट झटके थे, लेकिन 2025 में एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच न खेलना उनके खिलाफ गया।’
डीवीलियर्स ने की टीम इंडिया की तारीफ
अंत में, डीविलियर्स ने भारतीय टीम की गहराई की सराहना की। उन्होंने कहा कि हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडरों की मौजूदगी टीम को वह लचीलापन देती है जो एक चैंपियन टीम के लिए जरूरी है। हर्षित राणा के पास अनुभव की कमी जरूर है, लेकिन बुमराह और अर्शदीप के साथ मिलकर वे प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनके अनुसार भारत ने विश्व कप के लिए एक बेहद संतुलित टीम चुनी है जो किसी भी परिस्थिति में जीत दर्ज करने की क्षमता रखती है।














