यरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के मल्टी-लेयर्ड मिसाइल डिफेंस के सभी चार बड़े एलिमेंट के लिए डील की उम्मीद है। इसमें इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम, राफेल का डेविड स्लिंग और आयरन डोम, राफेल और एल्बिट का आयरन बीम शामिल है। इससमें आयरन डोम और आयरन बीम पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। हालांकि अभी किसी कंपनी ने डील की पुष्टि नहीं की है।
स्पाइस 1000, रैम्पेज मिसाइलों की डील
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और इजरायल में राफेल की SPICE 1000 गाइडेंस किट, एल्बिट सिस्टम्स की रैम्पेज एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, आइस ब्रेकर नेवल क्रूज मिसाइल और सुपरसोनिक एयर लोरा मिसाइल के लिए एग्रीमेंट की उम्मीद है। हर्मीस ड्रोन भी भारत को इजरायल से मिल सकते हैं।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, भारत कई सालों से यहूदी देश इजरायल का सबसे बड़ा हथियार खरीदार है। इसमें 2020-2024 की कुल बिक्री का 34 फीसदी शामिल है। इस दौरान भारत को इजरायली कुल हथियारों की बिक्री तकरीबन 20.5 अरब डॉलर की थी।
भारत में इजरायली हथियार
इजरायली अधिकारियों ने बताया है कि 2012-2017 के दौरान देशों के बीच डिफेंस सेल काफी तेजी से बढ़ी। इजरायल ने नई दिल्ली को नेवी के जहाजों के लिए बराक एंटी-एरियल थ्रेट सिस्टम बेचा तो यह 3.4 अरब तक पहुंच गई। हालांकि 2023 के बाद इसमें कुछ हद तक सुस्ती देखने को मिली है।
डिफेंस प्रोडक्शन में खरीदारी और जॉइंट इंडस्ट्रियल लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप में बदलावों के साथ ही इजरायल और भारत की डिफेंस डील्स में तेजी लौट आई है। इजरायली मीडिया का कहना है कि साल 2026 में दोनों देशों के बीच रक्षा समझौतों के पुराने रिकॉर्ड टूटेंगे। खासतौर से पीएम मोदी के दौरे के दौरान कई तरह के साइबर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम जॉइंट वेंचर भी लॉन्च होने की उम्मीद है।














