शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर कहा, भारत सरकार ने एपस्टीन फाइलों से जुड़े ईमेल का संज्ञान लिया है, जिसमें पीएम मोदी की इजरायल यात्रा का जिक्र किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी ने 2017 में इजरायल की एक आधिकारिक यात्रा की थी लेकिन इसके अलावा ईमेल में किए गए और सभी दावे पूरी तरह से निराधार हैं।
तथ्यात्मक रूप से कोई आधार नहीं: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा, ई-मेल की गई बातें एक दोषी अपराधी की बेतुकी और सनसनीखेज कल्पनाएं मात्र हैं, जिनका तथ्यात्मक रूप से कोई आधार नहीं है। सरकार ने ऐसे दावों को खारिज करते हुए कहा, ‘इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जाना चाहिए।’
हाल में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन और घिसलेन मैक्सवेल की जांच और मुकदमों से जुड़े लाखों रिकॉर्ड जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि उसने एक नए पारदर्शिता कानून के तहत आदेशित ऐतिहासिक समीक्षा पूरी कर ली है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर किए थे।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने पत्रकारों को बताया कि विभाग ने तीन मिलियन से ज्यादा पन्नों की सामग्री जारी की है। इसमें 2,000 से अधिक वीडियो और करीब 1 लाख 80 हजार तस्वीरें शामिल हैं। यह सारी जानकारी 19 नवंबर 2025 को लागू हुए ‘ एपस्टीन फाइल्स पारदर्शिता अधिनियम’ के तहत दी गई है।
2019 में जेफरी एपस्टीन की जेल में हो गई थी मौत
गौरतलब है कि शक्तिशाली लोगों से जुड़े वित्त कारोबारी जेफरी एपस्टीन की 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी। वह संघीय सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों का सामना कर रहा था। उसकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल को बाद में दोषी ठहराया गया और वह इस समय लंबी जेल की सजा काट रही है।














