पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सीधे तौर पर जयशंकर की टिप्पणियों का जिक्र नहीं किया है। हालांकि साफतौर पर संकेत जयशंकर के शुक्रवार के बयान की तरफ था। जयशंकर ने कहा था कि जहां अच्छे पड़ोसी जैसे रिश्तों की भावना होती है, वहां भारत मदद देता है। जब बुरे पड़ोसियों की बात आती है तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। आपके पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं, जो बदकिस्मती से हमारे पश्चिम में हैं। इसी ने पाकिस्तान को नाराज कर दिया है।
ऐसे बयान ठीक नहीं: पाकिस्तान
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एस जयशंकर के खराब पड़ोसियों वाले बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए खारिज किया है। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की पाकिस्तान के खिलाफ हिंसा फैलाने की कोशिशों का एक उदाहरण है।
पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि (IWT) का भी एक बार फिर से जिक्र किया है। बयान में कहा गया है कि यह अच्छी नीयत से किया गया एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। भारत इस संधि को एकतरफा तरीके से तोड़ने की कोशिश कर रहा है। इससे देश के तौर पर भारत की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों का सम्मान नहीं करता है।
जयशंकर की सादिक से मुलाकात
एस जयशंकर ने हाल ही में डारा में पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक से मुलाकात की है। वह ढाका में पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। यह मई 2025 में सैन्य संघर्ष के बाद पाकिस्तानी और भारतीय अधिकारियों के बीच पहली उच्च-स्तरीय मुलाकात थी। हालांकि इस मुलाकात के तुरंत बाद ही एक बार फिर ‘बुरे पड़ोसी’ पर दोनों देशों में तनाव बढ़ता दिख रहा है।















