गृह मंत्रालय ने क्यों उठाया ये कदम
अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने एंड्रॉइड ऐप के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की। साइबर फ्रॉड के इस केस में ऐप यूजर अनजाने में साइबर अपराधियों द्वारा चलाए जा रहे एसएमएस धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा बन शिकार हो रहे थे।
ऐप का प्रचार करने वाले यूट्यूब वीडियो ब्लॉक
सरकार ने ऐप के नियंत्रण केंद्र को ‘ब्लॉक’ कर दिया। मामले में 1.53 लाख यूजर वाले चार टेलीग्राम चैनल और ऐप का प्रचार करने वाले 50 से अधिक यूट्यूब वीडियो भी ब्लॉक कर दिए गए हैं।अधिकारियों ने बताया कि एक बार यूजर द्वारा इस ऐप को डाउनलोड कर लिया जाता था। उसके बाद यह साइबर अपराध करने के लिए उपयोगकर्ता के फोन के माध्यम से एसएमएस भेजना शुरू कर देता था।
अनजाने में लाखों उपयोगकर्ता बन गए हिस्सा
जो की प्रतिदिन 1.53 करोड़ लोगों तक पहुंचते थे। ऐप से मिलने वाले छोटे-छोटे दैनिक भुगतानों के लालच में आकर 1.53 लाख से अधिक उपयोगकर्ता अनजाने में इन साइबर अपराधों का हिस्सा बन गए। ई-चालान से जुड़े साइबर धोखाधड़ी की जांच के दौरान इस ऐप की भूमिका सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने भी इसके दुरुपयोग पर चिंता जताई थी।














