बैनर्स पर लिखे हुए थे ये नारे
- ऑनलाइन गेम्स बैन करो
- ऑनलाइन गेमिंग बैन करो
- ऑनलाइन गेम को बच्चों का हत्यारा बताया
- ऑनलाइन गेम्स बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहा
सोशल मीडिया के लिए तय हो उम्र
उन्होंने आगे कहा कि लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसको लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और उन एप्स के ऊपर भी नजर रखनी चाहिए जो बच्चों को आपराधिक घटनाओं की ओर धकेल रही हैं। उन्होंने सरकार से भी मांग की सोशल मीडिया पर जुड़ने के लिए एक आयु सीमा तय होनी चाहिए। क्योंकि कई देशों में 16 वर्ष से पहले बच्चे सोशल मीडिया से नहीं जुड़ सकते। साथ ही स्कूलों को भी यह हिदायत देनी चाहिए वह बच्चों को मोबाइल पर होमवर्क का कार्य न दे। क्योंकि बच्चों के पास एक बहाना हो जाता है वह स्कूल का कार्य कर रहे हैं और इसी के आड़ में वह किसी न किसी ऐप से जुड़ जाते हैं।
तत्काल रोक लगाने की मांग
पम्मा ने लोगों से भी अपील की बच्चों को पार्कों में भेजें और उनके मोबाइल पर जरूर नजर रखें वह किस ऐप से जुड़े हुए हैं ताकि बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचाया जा सके। परमजीत सिंह पम्मा और नेशनल अकाली दल महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन, रश्मीत कौर बिंद्रा ने ऑनलाइन बेटिंग और जुए वाले गेम्स पर चिंता जताई। ऐसे गेम्स लत लगाने वाले होते हैं और लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गेम्स पर रोक लगनी चाहिए।














