इसके तहत आईआरसीटीसी ने अपनी वेबसाइट और रेल कनेक्ट (Rail Connect) मोबाइल ऐप के यूजर इंटरफेस को सरल, तेज और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया है। अब लॉग-इन प्रक्रिया तेज की गई है, फॉर्म फील्ड्स को पुनर्व्यवस्थित किया गया है और ट्रेन सूची को ‘डिपार्चर टाइम’ के आधार पर दिखाया जा रहा है। साथ ही ‘Show/Hide Filter’ जैसे फीचर जोड़े गए हैं ताकि यात्री अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकें।
Train News: ट्रेन के टॉयलेट में अब नहीं दिखेंगे चेन में बंधा स्टील का मग्गा, रेलवे की यह है नई व्यवस्था
कई चीजों पर हुआ ऐक्शन
- 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी डीएक्टिवेट की गईं साल 2025 में
- 4.86 करोड़ यूजर आईडी पुनः सत्यापन के दायरे में
- 12,819 संदिग्ध ई-मेल डोमेन ब्लॉक किए गए
- 3.99 लाख संदिग्ध PNR से जुड़े 376 मामलों की रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज
आधार वेरिफिकेशन से तत्काल बुकिंग
आईआरसीटीसी की नई व्यवस्था के तहत तत्काल और एआरपी (Advance Reservation Period) टिकट केवल आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही बुक कर सकेंगे। इससे फर्जी अकाउंट और ऑटोमेटेड बुकिंग पर रोक लगेगी तथा असली यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
इसके साथ ही आईआरसीटीसी ने टिकटिंग प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के लिए कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) और एडवांस एंटी-बॉट टेक्नोलॉजी लागू की है। इससे सर्वर पर लोड कम होगा, संदिग्ध ट्रैफिक फिल्टर होगा और वास्तविक यूजर्स को तेज सेवा मिलेगी।
एमसीडी के साथ एमओयू
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने उत्तरी रेलवे के दिल्ली डिवीजन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दे दी है। इस समझौते के तहत रेलवे की संपत्तियों पर लगने वाले बाहरी विज्ञापनों से होने वाली कमाई को बांटा जाएगा। ये विज्ञापन ऐसे होने चाहिए जो जनता को दिखें और MCD के इलाके में आते हों। यह समझौता पिछले नवंबर में तैयार किए गए ड्राफ्ट MoU के अनुसार है। इसके तहत, रेलवे को ऐसे विज्ञापनों से जितनी भी कुल कमाई होगी, उसका 25% हिस्सा MCD को मिलेगा। यह भुगतान हर तीन महीने में किया जाएगा। रेलवे स्टेशनों के अंदर लगने वाले विज्ञापनों पर यह नियम लागू नहीं होगा।













