भारत ने बीते साल मई में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसके बाद दोनों देशों में चार दिन का सैन्य संघर्ष देखने को मिला था। इस दौरान ड्रोन, मिसाइल और हवाई हथियारों का इस्तेमाल हुआ। भारत ने ब्रह्मोस के जरिए पाकिस्तान में हमले किए। ऐसे में अब पाकिस्तान भी अपनी हवाई ताकत को बढ़ाने की कोशिश में लगा दिख रहा है।
तैमूर की ताकत
पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि तैमूर का सफल लॉन्च राष्ट्रीय एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं को आगे बढ़ाने में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पाक सेना के मुताबिक, तैमूर एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल 600 किलोमीटर की रेंज में दुश्मन के जमीनी और समुद्री ठिकानों को बहुत सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है। इसमें एक पारंपरिक वॉरहेड लगा होना, इसको और भी ताकतवर बनाता है।
पाकिस्तानी सेना के बयान में बताया गया है कि यह मिसाइल अत्याधुनिक नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम से लैस है। इसे बहुत कम ऊंचाई पर उड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता की वजह से यह दुश्मन के हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणालियों से प्रभावी ढंग से बच सकती है।
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि तैमूर की सटीक मारक क्षमता एयर फोर्स की पारंपरिक प्रतिरोधक क्षमता और ऑपरेशनल लचीलेपन को काफी बढ़ाती है। पाकिस्तान एयरफोर्स के हेड जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने इस प्रोजेक्ट को पाकिस्तान की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाला बताया है।















