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  • ऑपरेशन सिंदूर रोकने को पाकिस्तान ने अमेरिका में कीं 60 बैठकें, लॉबी पर अमेरिकी सरकार की फाइलों से खुलासा

    वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिकी सरकार की फाइलों से पता चला है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की लॉबी एजेंसियों ने वॉशिंगटन में जबरदस्त लॉबी की थी। अमेरिकी सरकार की ये फाइलें हाल ही में सार्वजनिक की गई हैं। इससे पता चलता है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सैन्य हमलों को रोकने


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    By Azad Hind Desk जनवरी 6, 2026
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    वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिकी सरकार की फाइलों से पता चला है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की लॉबी एजेंसियों ने वॉशिंगटन में जबरदस्त लॉबी की थी। अमेरिकी सरकार की ये फाइलें हाल ही में सार्वजनिक की गई हैं। इससे पता चलता है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सैन्य हमलों को रोकने के लिए पाकिस्तान की तरफ से हायर किए गये एजेंसियों ने ट्रंप प्रशासन पर काफी दबाव बनाने की कोशिश की थी।

    एनडीटीवी की रिपोर्ट में इन दस्तावेजों को देखे जाने का दावा किया गया है और कहा गया है कि इस दौरान पाकिस्तानी राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिका के सांसदों, और मीडिया नेटवर्क्स के साथ 60 से ज्यादा बैठकें करने की कोशिश की थी। ये बैठकें पहलगाम हमले के बाद, ऑपरेशन सिंदूर के समय और ऑपरेशन सिंदूर युद्धविराम के बाद किए गये थे।

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की लॉबी
    अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत फाइल किए गए रिकॉर्ड से इसका खुलासा हुआ है। इससे पता चला है कि पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत और उसके डिफेंस अताशे ने ईमेल, फोन कॉल और आमने-सामने की बैठक के जरिए 60 से ज्यादा अधिकारियों और बिचौलियों से बार-बार संपर्क किया था। यानि, पाकिस्तान भारत के एक्शन से बुरी तरह डर गया था और लगातार अमेरिका से भारतीय हमलों को रोकने के लिए गुहार लगा रहा था। पाकिस्तान भारत के हमलों को रोकने के लिए बुरी तरह से हाथ पैर मार रहा था।

    फाइलों से पता चला है कि पाकिस्तान ने ये संपर्क कांग्रेस (अमेरिकी संसद), पेंटागन, विदेश विभाग और जाने-माने अमेरिकी पत्रकारों से किया था। इस दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधियों ने कश्मीर, क्षेत्रीय सुरक्षा, दुर्लभ खनिज और पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को लेकर बातचीत की थी। पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठनों के साथ इंटरव्यू और बैकग्राउंड बैठकें भी की। फाइलों से पता चला है कि पाकिस्तान लगातार संपर्क कर रहा था और जहां संभव हो सके, जिन अधिकारियों से संभव हो सके, उनसे बात करने की कोशिश कर रहा था।

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