थाईलैंड की सेना ने कहा कि जो चालक दल के सदस्य इस टैंक का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्होंने इसके मुख्य गन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। टैंक दल के सदस्यों ने कहा कि लगातार फायरिंग के बाद बैरल की ड्यूरेबिलिटी मुख्य मुद्दा बन गई है। अभी चल रहे मिशन के दौरान चीनी टैंक के इलेक्ट्रानिक सिस्टम और इंजन में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। चालक दल ने शिकायत की है कि ये दोनों ही लगातार फेल हो रहे हैं जिससे फील्ड ऑपरेशन के दौरान हालात जटिल हो जा रहे हैं।
चीन के टैंक में थाईलैंड ने क्या- क्या बताया खामी
थाईलैंड आर्मी ने बताया कि जब ज्यादा देर तक इन टैंकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, तब यह दिक्कतें स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगती हैं। इसके अलावा टैंक के अंदर सुरक्षा के स्तर और मोबिल्टी को लेकर भी इसकी आलोचना की जा रही है। चीनी VT-4 टैंक को चला रहे चालक दल का कहना है कि आधुनिक जंग के मैदान में यह टैंक बहुत ही जोखिमभरा है। इसे नए आधुनिक टैंक उड़ा सकते हैं। इसके अलावा चीनी टैंक के टुरंट रोटेशन की स्पीड भी बहुत खराब है जिससे यह जंग के माहौल में तेजी से जवाबी हमला नहीं कर पाता है।
थाई सेना के अधिकारियों ने जंग के मैदान के अनुभवों के आधार पर अब अनाधिकारिक रूप से पैटन टैंक और यूक्रेन के बनाए T-84BM बीएम ऑपलॉट टैंक का ज्यादा इस्तेमाल करने लगी है। कंबोडिया की सेना ने अब तक कई थाईलैंड के चीनी VT-4 टैंक को तबाह कर दिया है। चीन ने कंबोडिया को भी बड़े पैमाने पर जंगी सामान बेच रखा है। VT-4 टैंक को चीन की सरकारी कंपनी NORINCO ने बनाया है। यह थाईलैंड की सेना के सबसे आधुनिक हथियारबंद वाहनों में शामिल है।
पाकिस्तानी सेना भी करती है चीनी टैंक VT-4 का इस्तेमाल
बता दें कि पाकिस्तान की सेना ने भी अब बड़े पैमाने पर चीन के VT-4 टैंक का इस्तेमाल करती है। पाकिस्तान और थाईलैंड के अलावा अफ्रीकी देश नाइजीरिया भी इस टैंक का इस्तेमाल करता है। चीन का दावा है कि यह एक आधुनिक टैंक है जो आधुनिक आर्मर प्रोटेक्शन से लैस है। इसकी फायर पावर जोरदार है लेकिन थाईलैंड की सेना ने इसकी पोल खोल दी है। चीन के हथियारों की विश्वसनीयता को लेकर दुनियाभर में सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में वेनेजुएला में चीनी के रडार बुरी तरह से फेल साबित हुए और अमेरिका वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट करके ले गया। इससे चीन की काफी किरकिरी हुई है।














