कोहरा, ठंड और परिवहन पर असर
दिल्ली और आसपास के इलाकों में ‘कोल्ड डे’ और कुछ जगहों पर ‘सीवियर कोल्ड डे’ की स्थिति रही। घने से बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता कई घंटों तक 50 मीटर तक सिमट गई। इसका असर हवाई यातायात पर भी पड़ा-दिल्ली में करीब 150 उड़ानें रद्द हुईं, 2 को डायवर्ट किया गया और 500 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं। वायु गुणवत्ता भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी के ऊपरी स्तर पर बनी रही।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में तापमान
सफदरजंग में अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.2 डिग्री कम रहा। पालम (13.6°C) और लोधी रोड (13.4°C) में ‘सीवियर कोल्ड डे’ दर्ज किया गया, जबकि रिज क्षेत्र 13.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के अनुसार सामान्य है।
क्यों कोहरे और शीतलहर की दोहरी मार?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी बनी रही। पूर्वी हवाओं से नमी आने, ऊपरी स्तर पर बादल और घने कोहरे ने धूप को जमीन तक पहुंचने नहीं दिया, जिससे ठंड और प्रदूषण दोनों बढ़े।
भारतीय मौसम विभाग का क्या है अनुमान, कब तक मिलेगी राहत
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 5 जनवरी तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है। गुरुवार की सुबह भी ऐसे ही हालात रहने और हल्की बारिश/बादलों की संभावना जताई गई है। ठंड से फिलहाल ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है।














