डियाब ने कहा कि “स्थाई रेजिडेंस के लिए एक साफ रास्ता देकर हम इनोवेशन और ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए बड़ी कोशिशों का समर्थन कर रहे हैं। जिसमें दिसंबर में इनोवेशन, साइंस और इकोनॉमिक डेवलपमेंट कनाडा की तरफ से दुनिया के जाने-माने रिसर्चर्स को कनाडा में लाने के लिए अनाउंस किया गया 1.7 अरब डॉलर का इनिशिएटिव भी शामिल है।”
एक्सप्रेस एंट्री की नई घोषित श्रेणियों में क्या है?
कनाडा सरकार की दलील है कि इस बार जो बदलाव किए गये हैं उसका मकसद ‘लेबर शॉर्टेज’ को भरना नहीं है। बल्कि रणनीतिक नेतृत्व और इनोवेशन को बढ़ावा देना है। इसके तहत सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब सरकार सिर्फ CRS स्कोर नहीं, बल्कि स्पेशल Occupational Categories के आधार पर उम्मीदवारों को चुन रही है। 2026 के लिए एक्सप्रेस एंट्री की जो नई श्रेणियां घोषित की गई हैं, उनमें डॉक्टर्स, रिसर्चर्स और मैनेजर्स को प्राथमिकता दी गई है। यानि अब कनाडा में काम कर रहे विदेशी डॉक्टरों और सीनियर मैनेजर्स के लिए परमानेंट रेजिडेंसी की राह हुई आसान कर दी गई है।
वहीं दूसरा बड़ा बदलाव ये किया गया है कि इस कैटोगिरी में से कृषि क्षेत्र को बाहर कर दिया गया है और डिफेंस में दक्षता रखने वाले लोगों के लिए दरवाजे खोल दिए गये हैं। जो लोग रिसर्चर्स और एविएशन एक्सपर्ट्स हैं, उन्हें भी आसानी से परमानेंट रेजिडेंसी (पीआर) मिल जाएगी। इसके पीछे की वजह ये है कि कनाडाई सशस्त्र बलों के लिए उच्च कुशल विदेशी सैनिकों और डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।
एक्सप्रेस एंट्री की शर्तों में क्या बदलाव किए गये हैं?
- रिपोर्ट के मुताबिक अब रिन्यू की गई श्रेणियों के लिए कम से कम 1 साल का कार्य अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है जो पहले 6 महीने था।
- एग्रीकल्चर और एग्री-फूड कैटोगिरी को 2026 की लिस्ट से हटा दिया गया है।
- अब जनरल ड्रॉ के बजाय ‘कैटेगरी-आधारित’ ड्रॉ ज्यादा निकाले जाएंगे, यानी जिस सेक्टर में कमी है, उसी क्षेत्र के लोगों को बुलाया जाएगा।
- कनाडा के काम के अनुभव वाले विदेशी डॉक्टरों के लिए पहला ड्रॉ जल्द निकाला जाएगा।
- सरकार $1.7 बिलियन के निवेश के साथ दुनिया भर के वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स को स्थायी रूप से कनाडा में बसाना चाहती है। यानि इन्हें मदद भी मिलेगा।
- भारतीयों के लिए अच्छी खबर यह है कि इस बदलाव के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों (STEM) की मांग बढ़ जाएगी या कम से कम बनी रहेगी।
- इसके अलावा अगर आपको फ्रेंच भाषा आती है तो पीआर मिलना सबसे आसान होगा क्योंकि सरकार इसे बहुत बढ़ावा दे रही है।
- खाना बनाने वाले लोगों यानि कूक्स को ट्रेड कैटोगिरी से बाहर कर दिया गया है जिससे उनके लिए पीआर पाना पहले से मुश्किल होगा।
- वहीं, भारतीय छात्र जो कनाडा में पढ़ाई कर कुक का अनुभव हासिल कर रहे हैं या कर चुके हैं, वे आवेदन तो कर सकते हैं, लेकिन कट-ऑफ स्कोर बहुत ज्यादा रहेगा।
- कारपेंटर, प्लंबर और मशीन ऑपरेटर जैसे कुशल कामगारों के लिए मौके अभी भी बरकरार हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो टेक सेक्टर में काम करने की चाहत रखने वाले भारतीयों के लिए STEM फील्ड में कैंडिडेट्स को लगातार बढ़ावा मिलना अच्छी खबर है। लेकिन कुक अब ‘ट्रेड’ कैटेगरी में नहीं आते हैं, जो एक बड़ा झटका है। वहीं नए नियमों के तहत पिछले तीन सालों में काम की कैटेगरी के लिए कम से कम काम का अनुभव एक साल कर दिया गया है जबकि पहले यह छह महीने का था, लेकिन एक राहत ये दी गई है कि अब अनुभव का लगातार होना जरूरी नहीं है।













