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  • कर्नाटक से कैसी सर्वे रिपोर्ट सामने आई कि बीजेपी को राहुल गांधी पर अटैक का मिल गया मौका?

    नई दिल्ली: बीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके वोट चोरी के आरोप पर तीखा प्रहार किया है। यह प्रहार कर्नाटक सरकार द्वारा एक सर्वे को प्रकाशित करने के बाद किया गया है। इस सर्वे रिपोर्ट में राज्य के अधिकांश नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराए


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    By Azad Hind Desk जनवरी 2, 2026
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    नई दिल्ली: बीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके वोट चोरी के आरोप पर तीखा प्रहार किया है। यह प्रहार कर्नाटक सरकार द्वारा एक सर्वे को प्रकाशित करने के बाद किया गया है। इस सर्वे रिपोर्ट में राज्य के अधिकांश नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराए जाते हैं और EVM के रिजल्ट सही हैं। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर ‘हकीकत का सामना’ करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

    पूनावाला ने आगे कहा कि कर्नाटक में एक सर्वे से पता चला है कि लोग ईवीएम को सुरक्षित मानते हैं और भरोसा करते हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य के चारों प्रशासनिक मंडलों में किए गए एक सर्वेक्षण के एक दिन बाद आई है, जिसका शीर्षक था लोकसभा चुनाव 2024 – नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार का अंतिम सर्वेक्षण का मूल्यांकन। इस सर्वे में कर्नाटक के सभी 34 चुनावी जिलों के 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5,100 लोगों से राय ली गई।

    इसमें राज्य के चारों मंडलों – बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु – के ग्रामीण, शहरी और आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। ये नतीजे कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे ‘वोट चोरी’ अभियान के बीच महत्वपूर्ण हैं, जिसमें केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और भारतीय चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है।

    इसके अलावा, ये ऐसे समय में रिपोर्ट आई है जब कर्नाटक सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में जनता के कथित विश्वास में गिरावट का हवाला देते हुए राज्य में सभी भावी पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को मतपत्र के माध्यम से कराने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

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