जम्मू और कश्मीर में पुलिस ने मस्जिदों और इमामों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए चार पन्नों का फॉर्म जारी किया है। इस फॉर्म में उनसे निजी जानकारी मांगी गई है। इसमें फोन नंबर, आर्थिक जानकारी, परिवार से जुड़ी जानकारी, पासपोर्ट और यात्रा से जुड़ी विवरण भी शामिल हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि धार्मिक अधिकारियों की निजी जानकारी, तस्वीरें और सांप्रदायिक जुड़ाव को इकठ्ठा करना व्यवस्थित उत्पीड़न के बराबर है। इसका मकसद धर्म के मानने वालों में डर पैदा करना और उनके धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने में बाधा डालना है। इस्लामाबाद ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा और कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ एकजुटता से खड़ा रहेगा और उन्हें निशाना बनाने वाले सभी प्रकार के धार्मिक उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।
कश्मीर पर पाकिस्तान का रोना जारी
पाकिस्तान का कश्मीर राग नया नहीं है। दशकों से पाकिस्तान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में कश्मीर में आतंकवादियों को भेजकर खून बहाता रहा है। पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में घूमने आए पर्यटकों पर हमला किया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। इस आतंकी हमले से लगभग एक सप्ताह पहले ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने कश्मीर को गले ही नस बताया था। इसके साथ ही हिंदू और मुसलमानों को अलग कौम बताते हुए दो कौम दो राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया था।













