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  • कार में फोन चार्ज करने की है आदत? इस गलती से खराब हो जाएगी बैटरी, ध्यान में रख लें ये जरूरी बातें

    Smartphone Charger Car : आजकल सफर में फोन चार्ज करना बहुत आम हो गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इससे फोन की बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है? खासकर, कार में फोन चार्ज करना सही नहीं माना जाता है। कार में फोन को गलत तरीके से चार्ज करने से बैटरी की उम्र


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    By Azad Hind Desk जनवरी 3, 2026
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    Smartphone Charger Car : आजकल सफर में फोन चार्ज करना बहुत आम हो गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इससे फोन की बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है? खासकर, कार में फोन चार्ज करना सही नहीं माना जाता है। कार में फोन को गलत तरीके से चार्ज करने से बैटरी की उम्र कम हो सकती है। चलिए, जान लेते हैं कि कार में फोन चार्ज करने के क्या खतरे हैं और सही तरीके से कार में फोन कैसे चार्ज किया जा सकता है।

    कार में फोन चार्ज करना आसान लगता है, लेकिन इससे बैटरी को लंबे समय में नुकसान हो सकता है। घर की दीवार वाली सॉकेट से मिलने वाली बिजली स्थिर होती है, लेकिन कार की बिजली अलग तरह की होती है। कार की बिजली इंजन से जुड़े अल्टरनेटर से आती है। इको फ्लो की रिपोर्ट (Ref.) कहती है कि इंजन की स्पीड बदलने या हेडलाइट चालू करने पर बिजली में उतार-चढ़ाव होता रहता है। बिजली स्टेबल नहीं होती तो वह धीरे-धीरे फोन की बैटरी को कमजोर बनाती है। बिजली में अचानक तेज या धीमी होने से चार्ज में लगी बैटरी पर बुरा असर पड़ता है। बार-बार ऐसा होने से बैटरी जल्दी खराब हो जाती है।

    कार के USB पोर्ट नहीं होते अच्छे

    इसके अलावा, कार में बने यूएसबी पोर्ट अक्सर अच्छे नहीं होते। ज्यादातर कारों में ये पोर्ट चार्जिंग के लिए नहीं बने होते। इनसे मिलने वाली बिजली बहुत कम होती है, अधिकतर कारों में करीब 0.5 एम्पीयर का पोर्ट होता है। इससे एक अच्छे फोन को पूरा चार्ज होने में चार घंटे से ज्यादा लग सकते हैं। इतने लंबे समय तक चार्जिंग मोड में रहने से फोन में गर्मी पैदा होती है, जो बैटरी के लिए खराब है। लंबे समय तक धीमी चार्जिंग बैटरी की सेहत को नुकसान पहुंचाती है।

    इस तरह का Adapter खरीदें

    सबसे पहले, सस्ते चार्जर न खरीदें जो पेट्रोल पंप पर मिल जाते हैं। अच्छी कंपनी का कार चार्जर Adapter लें, जो कार के 12V सॉकेट में लगे। ऐसे चार्जर चुनें जिन पर UL, CE या FCC जैसे सेफ्टी मार्क हों। ये मार्क बताते हैं कि चार्जर में ज्यादा बिजली, ज्यादा करंट या गर्म होने से बचाव की व्यवस्था है। चार्जर दो या उससे ज्यादा पोर्ट वाले लें, ताकि दूसरे डिवाइस भी चार्ज कर सकें। पैकिंग पर PD (Power Delivery) या QC (Quick Charge) लिखा हो, तो बेहतर है। ये तेज चार्जिंग के लिए बने होते हैं। अच्छे चार्जर थोड़े भारी और मजबूत होते हैं, क्योंकि अंदर अच्छे पार्ट्स लगे होते हैं।

    खराब केबल का इस्तेमाल न करें

    खराब केबल पूरा चार्जिंग सिस्टम खराब कर सकती है। सस्ती या पुरानी केबल में पतले तार होते हैं, जो अच्छी बिजली नहीं संभाल पाते। इससे चार्जिंग धीमी हो जाती है और केबल गर्म होकर खतरा पैदा कर सकती है। कभी भी फटी या तार दिखने वाली केबल न इस्तेमाल करें। फोन के साथ आई ओरिजिनल केबल सबसे अच्छी होती है। ये केबल तेज चार्जिंग को सुरक्षित संभालती हैं और फोन में अच्छी तरह फिट होती हैं।

    फोन को कब चार्ज लगाना चाहिए?

    फोन को कार में कब चार्ज करना चाहिए, यह जानना भी जरूरी है। कार स्टार्ट करने में बिजली का बड़ा झटका लगता है, जो फोन को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हमेशा पहले कार स्टार्ट करें, फिर फोन लगाएं। इंजन बंद करने से पहले फोन अनप्लग कर लें। इससे बिजली स्टेबल रहने पर ही चार्जिंग होती है।

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